धन प्राप्ति के उपाय रावण संहिता के अनुसार। रावण संहिता की रचना प्रकांड विद्वान रावण ने की थी। इसमें ज्योतिष एवं तंत्र विद्या से संबंधित मंत्रों के रूप में ज्ञान का भंडार समाहित है। रावण यह भलिभांति जानता था कि मंत्रों में बेहद शक्ति होती है। मंत्र जाप से ही रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया था। कहते हैं रावण भगवान शिव का परम भक्त होने के साथ ही महान तांत्रिक और ज्योतिषी भी था। रावण संहिता में रावण की तंत्र विद्या और ज्योतिष का सार मिलता है। इसमें रावण ने जहां कई ज्योतिषीय रहस्य खोले हैं। वहीं कुछ ऐसे उपाय भी बताए हैं जिनसे आपकी किस्मत के ताले खुल सकते हैं।कुबेर का मंत्र 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवाणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा।' जप करें। जप करते समय अपने पास एक कौड़ी रखें। तीन माह तक इस मंत्र का जप करने के बाद कौड़ी को उस स्थान पर रख दें जहां आप पैसा रखते हैं।