कालसर्प योग क्या होता है कालसर्प योग के लक्षण व उपाय Kaalsarp Yog Kya Hai काल सर्प योग की वास्तविकता काल सर्प योग (कितनी सच्चाई – कितनी भ्रान्ति ?) योग किसे कहते हैं? जब दो या दो से अधिक ग्रह किसी जातक की कुंडली में किसी राशि में साथ- साथ या किसी अंतर पर स्थित होते हैं तो वे एक दूसरे को प्रभावित करते हैं. ग्रहों की इस स्थिति को ज्योतिष की भाषा में योग कहते हैं. ग्रहों की इन परस्पर शुभ स्थितियों से शुभदायक योग बनते हैं और अशुभ स्थितियों से अशुभदायक योग बनते हैं. शुभ योगों से कुंडली सबल हो जाती है और अशुभ योगों से निर्बल हो जाती है। तथाकथित कालसर्प योग भी उनमें से एक है, जिसे अशुभ योगों की श्रेणी में माना जाता है. काल सर्प योग भयावह क्यों बन गया है ? काल सर्प योग एक अशुभ योग है। इसके नाम ने इसे और भी अधिक डरावना बना दिया है - काल का अर्थ है "मृत्यु" तथा सर्प का अर्थ है "साँप" जो बहुत ही कष्ट दायक स्थिति का संकेत देता है।इसके अतिरिक्त कुछ लोग इसके प्रभाव का इस भयावह तरीके से वर्णन करते हैं जिससे व्यक्ति काल्पनिक भय से भर जाता है और जीवन में अमंगल या अशुभ घटनाओं की कल्पना करने लगता है. काल सर्प योग कैसे बनता है ? वर्तमान परिभाषा के अनुसार कुंडली में सात ग्रह - सूर्य ,चन्द्रमा , मंगल ,बुध , गुरु , शुक्र और शनि, जब राहु और केतु के बीच स्थित हों तो ऐसी कुंडली में काल सर्प दोष बनता है। ऐसी कुंडली वाला व्यक्ति अपने जीवन में तरह - तरह की समस्याओं का सामना करता है और उसके द्वारा किये गए अधिकतर प्रयासों का उसे कोई लाभ नहीं मिलता है।(जबकि वास्तविक स्थिति यह नहीं है. इसे आगे स्पष्ट किया जायेगा ) काल सर्प योग का अशुभ प्रभाव – जो लोग कालसर्प योग को मानते हैं, उनका कहना है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प योग होता है उसके शिक्षा में रूकावट आती है, विवाह में विलम्ब होता है,जीवन में तनाव रहता है, संतान पक्ष से असंतुष्टि रहती है, आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, व्यवसाय में बाधा आती है, कुंडली के अच्छे योग भी कालसर्प योग के कारण शुभ प्रभाव उत्पन्न नहीं करते,. ऐसा भी कहा जाता है कि उस व्यक्ति को डरावने स्वप्न आते हैं और स्वप्न में साँप दिखते हैं. (जबकि वास्तविकता यह नहीं है. यह केवल डराने वाला पक्ष है. ये बातें कुंडली में अन्य अशुभ योग होने से भी हो सकती हैं ) मनोवैज्ञानिक बात – कुछ बातें ऐसी होती हैं जिनका हमारे मन पर शुभ या अशुभ प्रभाव पड़ता है. जैसे किसी को कहा जाये कि जब आप किसी मंत्र का आँखें बंद करके जप करें तो उस समय आपके दिमाग में जल में तैरती हुई मछली की आकृति नहीं दिखनी चाहिये, तभी यह मंत्र अपना प्रभाव दिखायेगा. तो यह मानकर चलो यह आकृति आपको अवश्य दिखेगी. ऐसे ही आपको कहा जाये कि कुंडली में काल सर्प योग होने पर उस व्यक्ति को स्वप्न में साँप दिखाई देता है तो निश्चित ही आपको सपने में साँप दिखने लगेगा. यह मनोवैज्ञानिक तथ्य है. कालसर्प योग की वास्तविकता - कुंडली में राहु - केतु की स्थिति से ही सब कुछ तय नहीं हो जाता। शेष सात ग्रहों का और उनकी स्थिति का भी अपना महत्व है।उनकी शुभ या अशुभ स्थिति कुंडली को प्रभावित करती है।कुंडली में उच्च राशि में स्थित ग्रह , शुभ योग जैसे - गज केसरी योग , राज योग या अन्य कोई शुभ योग हो या राहु और केतु भी अच्छी स्थिति में हो या अपनी उच्च राशि में हो, तो तथाकथित काल सर्प योग प्रभाव हीन हो जाता है। (इसे आगे दिये गए कुण्डली विश्लेषण में स्पष्ट किया गया है.) इसके अतिरिक्त वैदिक ज्योतिष के प्राचीन ग्रंथों में काल सर्प योग का कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन बाद के विद्वानों ने इस योग का उल्लेख किया है और धीरे - धीरे इसे भयावह योग के रूप में पहचान मिलती जा रही है।लोग इसके नाम से ही हताश और निराश हो जाते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि कठिनाइयाँ हरेक व्यक्ति के जीवन में आती हैं, असफलता प्रत्येक को मिलती है, कष्ट , बीमारियाँ ,दुर्घटनायें जीवन के साथ जुडी हुई हैं। इनको यों ही कालसर्प योग से जोड़ दिया जाता है. कुंडली में कुछ दूसरे अशुभ योग इन घटनाओं के कारण बनते हैं न कि कालसर्प योग. अत: यदि किसी की कुंडली में काल सर्प योग है तो उसे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। हालाँकि इस योग के प्रति एक बार जमे हुए कुविश्वास को दूर करना बहुत मुश्किल है अत: व्यक्ति अपने अन्दर आत्म विश्वास भरने व निराशा की भावना को दूर करने के लिए भगवान् शिव की उपासना करे तथा विशेष रूप से महा मृत्युंजय मंत्र या त्र्यक्षर मृत्युंजय मंत्र का जप करे। उल्लेखनीय बात – यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक कि कई ऐसे व्यक्ति भी हैं जिनकी कुंडली में तथाकथित काल सर्प योग उपस्थित है लेकिन उन्होंने अपने जीवन में अपार सफलता और प्रसिद्धि प्राप्त की है. उनमें से मुख्य- मुख्य निम्नांकित हैं - पण्डित जवाहर लाल नेहरु , मोरारी बापू , धीरुभाई अम्बानी, अमिताभ बच्चन, मोहनलाल सुखाडिया, दिलीप कुमार फिल्म अभिनेता , सचिन तेंदुलकर, आचार्य रजनीश आदि जो विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्ध रखते हैं. Kaalsarp yog, kaalsarp yog kya hota hai, kal sarp yog ki sachchai kya hai, kya vastava men kaal sarp yog hota hai, kaal sarp kaise banata hai, kalsarp yog ke nuksan kya hain, kaal sarp ekashubh yog hai,