दयालु लकडहारा | #लकड़हारे की BEST #कहानी  | #hindi  Kahani | Moral Stories | #cartoon  #story

दयालु लकडहारा | #लकड़हारे की BEST #कहानी | #hindi Kahani | Moral Stories | #cartoon #story

बहुत समय पहले की बात है... एक गाँव में एक गरीब लेकिन ईमानदार लकड़हारा रहता था। हर रोज़ वह जंगल जाकर पेड़ काटता और उससे मिली लकड़ियाँ बेचकर अपना गुज़ारा करता। एक दिन वह नदी किनारे पेड़ काट रहा था कि अचानक उसकी कुल्हाड़ी उसके हाथ से फिसल कर पानी में जा गिरी। वह बहुत परेशान हो गया... कुल्हाड़ी ही उसका एकमात्र साधन थी। तभी पानी से एक जल देवी प्रकट हुईं। उन्होंने लकड़हारे से पूछा – “तुम क्यों रो रहे हो?” लकड़हारे ने सारी बात बता दी। जल देवी मुस्कराईं और सोने की एक कुल्हाड़ी दिखाकर बोलीं – “क्या ये तुम्हारी कुल्हाड़ी है?” लकड़हारे ने ईमानदारी से कहा – “नहीं देवी जी, ये मेरी नहीं है।” फिर उन्होंने चांदी की कुल्हाड़ी दिखाई। लकड़हारा बोला – “नहीं देवी जी, ये भी मेरी नहीं है।” अंत में उन्होंने लोहे की कुल्हाड़ी दिखाई। लकड़हारा खुशी से बोला – “हाँ, यही मेरी कुल्हाड़ी है!” देवी उसकी ईमानदारी से बहुत प्रसन्न हुईं और उसे तीनों कुल्हाड़ियाँ उपहार में दे दीं। लकड़हारा बहुत खुश हुआ और अपने घर लौट आया। short moral stories,animated story,hindi kahaniyan,raja ki kahani,animation story