ये व्रत करवा चौथ से ठीक चार दिन बाद यानि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाया जाता है। अहोई अष्टमी का व्रत संतान की खुशहाली और समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन मां अपने बच्चों की लंबी उम्र और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती है। करवा चौथ की तरह ही ये व्रत भी खासतौर से उत्तर भारत में मनाया जाता है। यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश में ये व्रत खासतौर से रखा जाता है।