नरक निवारण चतुर्दशी हिंदू धर्म की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी तिथि मानी जाती है। हर वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह व्रत और पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में बहुत से भक्तों के मन में यह प्रश्न है कि नरक निवारण चतुर्दशी 16 जनवरी को है या 17 जनवरी को, और चतुर्दशी तिथि कब से कब तक है। इसी विषय पर आज की यह पवित्र जानकारी आपके लिए प्रस्तुत की जा रही है। शास्त्रों के अनुसार नरक निवारण चतुर्दशी वह दिन है, जब मनुष्य अपने जीवन में किए गए जाने-अनजाने पापों से मुक्ति पाने का प्रयास करता है। इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना का विधान बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा, व्रत, स्नान और दान से नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है, इसलिए इसे नरक निवारण चतुर्दशी कहा गया है। वर्ष 2026 में नरक निवारण चतुर्दशी की तिथि को लेकर कई लोगों में भ्रम बना हुआ है। कोई 16 जनवरी बता रहा है, तो कोई 17 जनवरी। दरअसल, पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का उदय और समाप्ति समय देखकर ही सही तिथि का निर्णय किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जिस दिन सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि होती है, उसी दिन व्रत और पूजा का विधान माना जाता है। इसी आधार पर वर्ष 2026 में नरक निवारण चतुर्दशी 17 जनवरी 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। इस पावन तिथि का संबंध यमराज से भी बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से यमलोक का अंधकार दूर होता है और आत्मा को प्रकाश का मार्ग मिलता है। इसी कारण कई भक्त इस दिन घर के बाहर, मंदिर में और तुलसी के पास दीपक अवश्य जलाते हैं। विशेष रूप से तिल के तेल या सरसों के तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। नरक निवारण चतुर्दशी के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने का विशेष महत्व है। यदि संभव हो तो गंगा, यमुना, नर्मदा जैसी पवित्र नदियों में स्नान करना उत्तम माना गया है। यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान के समय भगवान का स्मरण करते हुए यह प्रार्थना करनी चाहिए कि हमारे सभी पाप नष्ट हों और जीवन धर्म के मार्ग पर चले। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर घर के मंदिर में भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करना और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। वहीं भगवान विष्णु के लिए तुलसी पत्र, दीपक और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन दान का भी अत्यधिक महत्व है। शास्त्रों में बताया गया है कि नरक निवारण चतुर्दशी पर किया गया दान कई जन्मों तक पुण्य प्रदान करता है। तिल, अन्न, वस्त्र, कंबल, दीपक, गुड़, और दक्षिणा का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। दान हमेशा श्रद्धा और विनम्रता के साथ करना चाहिए। नरक निवारण चतुर्दशी केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें अपने आचरण को शुद्ध करने की प्रेरणा भी देती है। इस दिन झूठ बोलने से बचना चाहिए, किसी का अपमान नहीं करना चाहिए, क्रोध, ईर्ष्या और नकारात्मक भावनाओं से दूर रहना चाहिए। मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन इस दिन वर्जित माना गया है। पुराणों में इस दिन से जुड़ी कई कथाएँ मिलती हैं, जिनमें बताया गया है कि कैसे एक छोटे से दीपदान या व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को नरक यातना से मुक्ति मिल गई। यही कारण है कि इस चतुर्दशी को अत्यंत प्रभावशाली और कल्याणकारी माना गया है। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि नरक निवारण चतुर्दशी 2026 में कब है, 16 या 17 जनवरी, चतुर्दशी तिथि कब से कब तक है, इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, पूजा विधि, व्रत नियम, दान का महत्व, और इस दिन की पौराणिक कथा, तो यह वीडियो आपके लिए बेहद उपयोगी है। हमारा उद्देश्य है कि धर्म से जुड़ी सही और सरल जानकारी आप तक पहुँचाई जाए, ताकि कोई भी भक्त भ्रम में न रहे और श्रद्धा के साथ अपने व्रत-पूजा को पूर्ण कर सके। यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो वीडियो को लाइक करें, अपने परिवार और मित्रों के साथ शेयर करें, और ऐसे ही धार्मिक और पौराणिक विषयों के लिए हमारे YouTube चैनल स्वास्तिक परिवार को सब्सक्राइब करना न भूलें। भगवान शिव और भगवान विष्णु की कृपा आप सभी पर बनी रहे। 🙏 जय श्री हरि 🙏 जय महादेव नरक निवारण चतुर्दशी Narak Nivaran Chaturdashi 2026 नरक निवारण चतुर्दशी कब है Narak Nivaran Chaturdashi kab hai चतुर्दशी कब है Chaturdashi tithi kab hai 16 या 17 जनवरी चतुर्दशी Narak Nivaran Chaturdashi date 2026 माघ कृष्ण चतुर्दशी Narak Nivaran Chaturdashi puja vidhi नरक निवारण चतुर्दशी पूजा विधि नरक निवारण चतुर्दशी महत्व Narak Nivaran Chaturdashi vrat चतुर्दशी व्रत कथा Narak Nivaran Chaturdashi katha हिंदू व्रत त्योहार धार्मिक कथा हिंदी आज की चतुर्दशी Hindu fasting day Spiritual video hindi Bhagwan Shiv puja Vishnu puja chaturdashi Swastik Parivar