माँ सरस्वती वन्दना ||Maa Saraswati Vandana|| Arvind Jha || #Maa || #maasaraswativandana || #saraswati #vandana #saraswativandana माँ सरस्वती वंदना देवी सरस्वती को समर्पित है और उनकी ज्ञान, कला और विद्या की प्रशंसा करती है। यह वंदना आपको प्राचीन हिंदू धर्म के भक्तिभाव को अनुभव करने का अवसर देती है और सरस्वती माता के आशीर्वाद को प्राप्त करती है। यह वंदना आपके मन को प्रकाशमय, ध्यानित और संतुष्ट करती है और आपके जीवन में ज्ञान, शक्ति और संगीत की उच्चता को विकसित करती है। या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥ श्लोक अर्थ – जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चन्द्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर शङ्कर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही सम्पूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली माँ सरस्वती हमारी रक्षा करें।