उड़े छोटे बड़े जवान सभा में सारे

उड़े छोटे बड़े जवान सभा में सारे

दुशासन द्रोपदी को पकड़ कर सभा के बीच में ले जाता है तो उस समय के बड़े ही मार्मिक दृश्य को पंडित लखमी चंद जी ने बहुत ही सुंदर शब्दों में ढाला है, और सत्ते ने भी इसको बहुत सुंदर तरीके से गाया है