पुरानी पेंशन बहाली हेतु माननीय विजय बंधु की रथयात्रा-एक झलक | #ops #Ateva

पुरानी पेंशन बहाली हेतु माननीय विजय बंधु की रथयात्रा-एक झलक | #ops #Ateva

पुरानी पेंशन बहाली हेतु माननीय विजय बंधु की रथयात्रा-एक झलक | #ops #Ateva #NPSनिजीकरण भारत छोड़ो यात्रा की अगुवाई कर रहे #अटेवा प्रदेश अध्यक्ष व #NMOPS राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. विजय कुमार बन्धु मध्यमवर्गीय किसान परिवार की पृष्ठभूमि से आते है, इलाहाबाद में शिक्षा प्राप्त की, 15 अप्रैल 2005 को उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षक के रूप में नियुक्ति हुई, अभी प्रवक्ता के पद पर लखनऊ में कार्यरत है, 1 अप्रैल 2005 को उत्तर प्रदेश में तत्कालीन सरकार द्वारा पुरानी पेंशन खत्म कर दी गई, महज़ पन्द्रह दिन पहले लागू एनपीएस योजना में विजय कुमार बन्धु आ गए, शुरुआत में एनपीएस का विरोध वामपंथियों के अलावा किसी ने नही किया था इसलिए एनपीएस- ओपीएस के अंतर को समझने में देर लगी लेकिन जब तमाम अध्ययन और रिटायर्ड कर्मचारियों को मिल रही मामूली सी पेंशन से यह स्पष्ट हो गया कि पुरानी पेंशन न केवल कर्मचारी हित में है बल्कि देश हित में भी है, उसी समय मा विजय कुमार बन्धु और उनके साथियों ने 2013 में आल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन "अटेवा" का प्रदेश स्तर पर गठन किया, अटेवा के नेतृत्व में ओपीएस बहाली के लिए 7 दिसंबर 2016 को लखनऊ में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से विधानसभा का घेराव किया गया, जिसमें पुलिस और शिक्षको कर्मचारियों की झड़प हुई जिसमें दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से कुशीनगर में कार्यरत शिक्षक डॉ रामाशीष सिंह जी की शहादत हो गई, जिसके बाद पुरानी पेशन बहाली आंदोलन देश व्यापि रूप ले लिया, और विजय कुमार बन्धु के नेतृत्व में 2017 में नेशनल मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम NMOPS का गठन किया गया, 30 अप्रैल 2018 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ओपीएस बहाली के लिए एक विशाल रैली हुई, जिसमें लाखों कर्मचारियों ने भागीदारी किया, जिसके बाद पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन सरकारी कर्मचारियों का राष्ट्रीय मुद्दा बन गया, आज मा. विजय कुमार बन्धु सरकार की व्यवस्था को जमीन पर लागू करने वाले लाखों लाख पुरानी पेंशन विहीन सरकारी कर्मचारियों की आवाज़ है, और आज़ादी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में मिली नौकरी से बने मध्यम वर्ग के भविष्य को बचाने की पहचान बन गए है,विजय कुमार बन्धु अपनी सभाओं में/ नुक्कड़ मीटिंगों में बड़ी ही सरलता, सहजता के साथ बातचीत की शैली में मुस्कुराते हुए जब सम्बोधन करते है तो सुनने वाले मंत्रमुग्ध होकर उनसे सीधे जुड़ जाते है, विजय कुमार बन्धु ने गंगा जमुनी तहजीब से युक्त सभी विचारधारा को मानने वाले पेंशन विहीन सरकारी कर्मचारियों को गोलबंद करके कई राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल करवाने में केंद्रीय भूमिका निभाई है, यह रथयात्रा जून 2023 से गांधी आश्रम, भितरहवा, चम्पारण, बिहार से ही इस यात्रा के साथ है- यह यात्रा बिहार, उत्तर प्रदेश होते हुए अभी उत्तराखंड में लगभग तीन हजार पांच सौ किलोमीटर सफ़र तय कर चूँकि है अभी हजारों किलोमीटर की यात्रा करके 24 जून 2023 को मुंबई में पहला चरण पूरा करेंगी, इस यात्रा का जिस तरह बिहार में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत शिक्षक, कर्मचारियों के साथ रेलवे कर्मचारियों ने रात दिन सहयोग व समर्थन किया, वह आश्चर्य चकित कर देने वाली बात थी, अररिया से थोड़ी दूर पहले रात के बारह बजे हाईवे पर पन्द्रह- बीस की संख्या में महिलाएं खड़ी थी, जब उनसे पूछा गया कि इतनी रात में आप लोग यहां खड़ी है तो महिलाओं ने इस यात्रा का स्वागत करने के लिए हम लोग कई किलोमीटर दूर से दिन में ही आ गए थे, पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जँ पर दिन में चार बजे तय स्वागत के कार्यक्रम में जब रात साढ़े बारह बजे यात्रा पहुँची तो वहा सैकड़ों रेलवे कर्मचारी इंतजार करते रहे थे, बिहार से इस यात्रा शुरुआत भाकपा माले, सिकटा विधायक वीरेंद्र गुप्ता की उपस्थित में शुरू हुई, भाकपा माले के श्रमिक संगठन "ऐक्टू" से सम्बद्ध बिहार अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ "गोपगुट" व रेलवे में कार्यरत एलरसा, गार्ड कॉउंसिल, एस्मा, ट्रेक मेंटर सहित सभी कैटेगरी को एकजुट करके #NMOPS से सम्बद्व होकर काम करने वाला फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे पूरे बिहार में पूर्व मध्य रेलवे के नरकटियागंज, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल, बेगूसराय, बरौनी, सहसराम, व फ्रंटियर रेलवे कटिहार सहित कई जगह सैकड़ों- हजारों रेलवे कर्मचारी लाल झंडे और बुलंद नारो के साथ बहुत ही उर्जा उत्साह के साथ भागीदारी किए, #NPSनिजीकरण भारत छोड़ो यात्रा वाहन के साथ सैकड़ों मोटरसाइकिल लगातार आगे आगे चलती रही, वही पीछे दर्जनों चार पहिया वाहन भी चलते रहे- यात्रा के दौरान महात्मा गांधी, डॉ भीमराव अंबेडकर, राजेन्द्र प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर, तिलका मांझी, जय प्रकाश नारायण, लाल बहादुर शास्त्री, सुबाष चन्द्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद इत्यादि जैसे शहीदों/ महापुरुषों की प्रतिमाएं मिली माल्यापर्ण किया, जहां हजारों – हजार कर्मचारी संगठनों ने समर्थन किया, वही निजीकरण के मुद्दे पर खुलकर अलग -अलग विचारधारा के सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता व चुने हुए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधयों के साथ बेरोजगार, युवाओं, छात्रों, किसानों, साहित्यकारो, सांस्कृतिक कर्मियों ने समर्थन किया । #NPSनिजीकरणभारतछोड़ोयात्रा #vijaykumarbandhu #अटेवा #NMOPS #npsgoback पूरानी पेंशन रथयात्रा old pension scheme national pension system