झारखंड राज्य के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की होनेवाली नियुक्ति में अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के अलावा एक और परीक्षा देनी होगी। इसके लिए नियुक्ति नियमावली में बदलाव किया जा रहा है। यह परीक्षा राज्य स्तर पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जाएगी। हाल के वर्षों में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिला स्तर पर मेधा सूची जारी की जाती थी। शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की मेधा सूची उनके एकेडमिक तथा टेट के अंकों के आधार पर बनती थी। लेकिन अब राज्य सरकार टेट के बाद एक और परीक्षा लेने की तैयारी कर रही है। दरअसल, वर्ष 2015 तथ 2016 में जिला स्तर पर हुई नियुक्ति में कई जिलों में अनियमितताएं सामने आई थीं। साथ ही कई बार काउंसिलिंग किए जाने के बाद भी सभी पद नहीं भर पाए थे। इसमें समय भी बहुत अधिक लगा था। राज्य स्तर पर होनेवाली नियुक्ति से एक ही परीक्षा से सभी जिलों में एक साथ नियुक्ति हो पाएगी। राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नए पदों के सृजन तथा नियमावली में संशोधन के बाद की जाएगी। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। बता दें कि प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में लगभग 71 हजार नए पदों का सृजन किया जा रहा है। विभागीय मंत्री की स्वीकृति के बाद इसपर प्रशासकीय पदवर्ग समिति, विधि, वित्त तथा कार्मिक की भी स्वीकृति ली जाएगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इसपर भी मंथन कर रहा है कि नियुक्ति से पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए। बता दें कि राज्य में अभी तक यह परीक्षा महज दो बार हुई है। पहली परीक्षा वर्ष 2012 तथा दूसरी परीक्षा वर्ष 2016 में हुई थी। जानकारों का कहना है कि नियुक्ति से पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हो जाएंगे।