बुंदेलखंड का सूर्योदय /बुंदेल केसरी छत्रसाल /भाग 1 जिस समय पूरा बुंदेलखंड मुगलों के अधीन था उस समय बुंदेल केसरी छत्रसाल के पिता चंपत राय जी मुगलों के साथ संघर्ष कर रहे थे तथा स्वतंत्र बुंदेलखंड राज्य स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे इसी बीच कुछ बुंदेलखंड के राजाओं के सहयोग से और मुगलों के षड्यंत्र से युद्ध करते हुए चंपत राय और उनकी रानी वीरगति को प्राप्त होती हैं इस सामान के पुत्र वीर छत्रसाल का जन्म हो चुका था और बे 11:12 वर्ष के थे यहां से वीर छत्रसाल के संघर्ष की कहानी और बुंदेलखंड का भविष्य शुरू होता है वीडियो को देखें