सिंधु घाटी की सभ्यता । पहली मेट्रो सिटी । रहस्यमयी लीपि। SindhuGhati ki Sabhyata #history #ba #du

सिंधु घाटी की सभ्यता । पहली मेट्रो सिटी । रहस्यमयी लीपि। SindhuGhati ki Sabhyata #history #ba #du

सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization), जिसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है, विश्व की सबसे प्राचीन और विकसित नदी घाटी सभ्यताओं में से एक है। यह अपनी नगरीय योजना (Urban Planning) के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहाँ इस सभ्यता की मुख्य विशेषताओं और तथ्यों का विवरण दिया गया है: 1. परिचय और कालक्रम समय: कार्बन डेटिंग (C-14) के अनुसार इसका सर्वमान्य समय 2500 ईसा पूर्व से 1750 ईसा पूर्व माना जाता है। प्रकार: यह एक कांस्य युगीन (Bronze Age) सभ्यता थी। विस्तार: यह वर्तमान भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में फैली हुई थी। 2. खोज का इतिहास 1921: दयाराम साहनी ने 'हड़प्पा' (Harappa) की खोज की। यह खोजा गया पहला स्थल था, इसलिए इसे हड़प्पा सभ्यता कहते हैं। 1922: राखालदास बनर्जी ने 'मोहनजोदड़ो' (Mohenjo-daro) की खोज की। 3. प्रमुख विशेषताएं (Main Features) क. नगर नियोजन (Urban Planning) यह इस सभ्यता की सबसे बड़ी खासियत थी। ग्रिड सिस्टम: सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं, जिससे शहर चौकोर खंडों में बंटा होता था। पक्की ईंटें: घरों के निर्माण में आग में पकाई गई ईंटों का प्रयोग होता था। जल निकासी प्रणाली (Drainage System): नालियां ढकी होती थीं और हर घर से गंदा पानी मुख्य नाले में जाता था। यह व्यवस्था तत्कालीन विश्व में अद्वितीय थी। ख. सामाजिक और आर्थिक जीवन कृषि: मुख्य फसलें गेहूं और जौ थीं। लोथल और रंगपुर से चावल के प्रमाण मिले हैं। व्यापार: इनका व्यापार मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) की सभ्यता के साथ होता था। लोथल इनका प्रमुख बंदरगाह (Dockyard) था। पशुपालन: ये बैल, भैंस, बकरी और सूअर पालते थे। कूबड़ वाला सांड़ विशेष पूजनीय था। ग. धार्मिक जीवन मातृदेवी की पूजा: खुदाई में मिली कई महिला मूर्तियों से पता चलता है कि समाज मातृसत्तात्मक (Matriarchal) था। पशुपति शिव: मोहनजोदड़ो से एक मुहर मिली है जिस पर एक योगी की आकृति है, जिसे 'आदि शिव' (Proto-Shiva) माना गया है। प्रकृति पूजा: ये वृक्षों (पीपल) और पशुओं की पूजा करते थे। यहाँ कोई मंदिर नहीं मिला है। 4. प्रमुख स्थल और उनकी खोजें (Key Sites) | स्थल | वर्तमान स्थिति | नदी | प्राप्त प्रमुख अवशेष | |---|---|---|---| | हड़प्पा | पाकिस्तान (पंजाब) | रावी | अन्नागार (Granary), कांस्य दर्पण | | मोहनजोदड़ो | पाकिस्तान (सिंध) | सिंधु | विशाल स्नानागार (Great Bath), नर्तकी की कांस्य मूर्ति, अन्नागार | | लोथल | भारत (गुजरात) | भोगवा | बंदरगाह (Dockyard), चावल के दाने | | कालीबंगा | भारत (राजस्थान) | घग्घर | जुते हुए खेत, काली चूड़ियां, अग्निकुंड | | धौलावीरा | भारत (गुजरात) | लूनी | उन्नत जल प्रबंधन (Water Management), स्टेडियम | | राखीगढ़ी | भारत (हरियाणा) | घग्घर | भारत में स्थित सबसे बड़ा स्थल | 5. कला और लिपि मुहरें (Seals): सेलखड़ी (Steatite) की बनी मुहरें मिली हैं, जिन पर अक्सर एक-सींग वाले गैंडे (Unicorn) का चित्र होता था। लिपि: इनकी लिपि भावचित्रात्मक (Pictographic) थी। इसे अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है। मूर्तियां: मोहनजोदड़ो से मिली 'नर्तकी की कांस्य मूर्ति' (Dancing Girl) मूर्तिकला का बेहतरीन उदाहरण है। 6. पतन (Decline) इस महान सभ्यता का अंत कैसे हुआ, इस पर इतिहासकारों में मतभेद है: बाढ़ (सबसे मान्य कारण, विशेषकर मोहनजोदड़ो के लिए)। जलवायु परिवर्तन और नदियों का सूखना (विशेषकर सरस्वती/घग्घर नदी)। आर्यों का आक्रमण (कुछ विद्वानों का मत)। सिंधु घाटी की सभ्यता । पहली मेट्रो सिटी । रहस्यमयी लीपि। SindhuGhati ki Sabhyata #history #ba #du #drvijaytiwari #talkonedument