India China Tension: Ladakh में गोली नहीं बोली से लड़ी जा रही लड़ाई, लाउड स्पीकर और बैनर का प्रयोग

India China Tension: Ladakh में गोली नहीं बोली से लड़ी जा रही लड़ाई, लाउड स्पीकर और बैनर का प्रयोग

लद्दाख सेक्टर में चीन सीमा पर दोनों सेनाओं के बीच पिछले कई दिनों से जंग जारी है। यह जंग गोली से नहीं बल्कि बोली से लड़ी जा रही है जिसमें बंदूकों की जगह लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल दोनों पक्षों द्वारा किया जा रहा है। रक्षासूत्रों ने बताया कि पैंगाग में फिंगर -4 के इलाके में बीते कई दिनों से लाउड स्पीकर और बैनर ही दोनों तरफ से लगातार इस्तेमाल हो रहे हैं। #IndiaChinaTension #LAC #Ladakh भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैनर अंग्रेजी और चीनी भाषा में तैयार किए गए हैं। इन पर लिखा हुआ है- शांति बहाल रखने के लिए आप वापस अपने इलाके में लौट जाओ, इस समय आप भारतीय जमीन पर हो। वहीं चीनी सैनिकों के बैनर अंग्रेजी और हिंदी में हैं। चीनी सैनिकों ने अपने बैनरों पर लिखा है कि हम अपने ही इलाके में है। शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए भारत और चीन को बराबर पीछे हटना होगा। दरअसल गलवान घाटी में भारतीय जवानों के पराक्रम को देख चुके चीनी सैनिक अब सीधे टकराव से बच रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच जारी सैन्य गतिरोध अब वाकयुद्ध में तबदील हो चुका है। भारतीय सैनिक लाउड स्पीकर और बैनरों के जरिए चीनी सैनिकों को भारतीय क्षेत्र खाली कर अपनी सीमा में लौटने की चेतावनी दे रहे हैं तो वहीं चीनी सैनिक भी उन्हीं की तरह लाउड स्पीकर और बैनरों का इस्तेमाल कर भारतीय सैनिकों को पीछे हटने के लिए कह रहे हैं। चीनी सैनिक पोर्टेबल लाउड स्पीकर इस्तेमाल कर रहे हैं और दिन में 20 से 30 बार दोनों तरफ से एक-दूसरे के लिए लाउड स्पीकर पर एलान करने के साथ-साथ बैनर लहराए जा रहे हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि लाउड स्पीकर पर एलान करते दोनों तरफ के जवानों की टुकड़ियां कई बार एक दूसरे के आमने सामने भी खड़ी हुई हैं। लेकिन उनमें हाथापाई की नौबत नहीं पहुंची। जब एलान करती या बैनर लहराती टुकड़ियां एक दूसरे के सामने पहुंचती हैं तो करीब एक-एक घंटे तक मौके पर डटी रहती हैं। रक्षाधिकारियों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में बीते कुछ सालों के दौरान जब कभी भी भारत और चीन के बीच एलएसी पर सैन्य गतिरोध पैदा हुआ, दोनों तरफ से कई बार बैनर का इस्तेमाल किया गया। लाउड स्पीकर का इससे पहले भी इस्तेमाल किया गया है, लेकिन उस समय लाउड स्पीकर पर एलान करने के बाद बाद सैन्यकर्मी वापस पीछे लौट आते थे। इस बार दोनों तरफ के सैनिक अपनी-अपनी अग्रिम पोजीशन पर डटे हुए हैं। जिस कारण कभी कभी यह अंदेशा बना रहता है कि दोनों के बीच खूरेंजी झड़प हो सकती है। इस बीच भारत ने गुरुवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में पूर्ण रूप से पीछे हटने के लिए प्रत्येक पक्ष को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी-अपनी ओर नियमित चौकियों की तरफ सैनिकों की पुन: तैनाती करने की जरूरत है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि यह दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के आधार पर एक-दूसरे द्वारा उठाए गए कदमों से ही हासिल किया जा सकता है. । दूसरी तरफ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत चीन सीमा पर 1962 के बाद पहली बार इतने ज्यादा तनाव हुआ है। रिपोर्टः सुरेश डुग्गर आवाज़ः आदित्य द्विवेदी #lokmathindi Subscribe @ https://www.youtube.com/LokmatHindi?s... Visit @ http://www.lokmatnews.in/ Follow @   / lokmatnewshindi   Follow @   / lokmatnewshindi   Follow @   / lokmatnewshindi