#viral #mahadev #bhajan #bhakti #navratri #bholenath #navratrispecial #maadurga #navratri2025 #maakatyayani #navratrimaakatyayani #katyayanipuja 🌺 क्या आप जानना चाहते हैं कि नवरात्रि का छठा दिन माँ कात्यायनी की साधना क्यों विशेष होता है? 🌺 क्या आप जानते हैं कि माँ कात्यायनी का पूजन विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करता है और सुख-समृद्धि प्रदान करता है? 🌺 क्या आप जानना चाहते हैं कि नवरात्रि में माँ कात्यायनी की पूजा करने का सही तरीका क्या है? 🌺 तो इस वीडियो को अंत तक देखें, क्योंकि इसमें आपको नवरात्रि, माँ कात्यायनी से जुड़ी हर वह जानकारी मिलेगी जो आपकी जिंदगी को बदल सकती है। ✨ नवरात्रि और माँ कात्यायनी का महत्व नवरात्रि में नौ शक्तियों की पूजा की जाती है और छठे दिन पूजित होती हैं माँ कात्यायनी। नवरात्रि, माँ कात्यायनी का दिन हर भक्त के लिए बेहद खास होता है। कहा जाता है कि इस दिन भक्त यदि पूरे समर्पण और श्रद्धा से पूजा करें तो जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं। माँ कात्यायनी को महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने असुरों का नाश करके धर्म की रक्षा की थी। यही कारण है कि नवरात्रि, माँ कात्यायनी का स्मरण करने से न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है, बल्कि सांसारिक जीवन में भी सफलता और सुख मिलता है। 🌼 माँ कात्यायनी की कथा नवरात्रि, माँ कात्यायनी से जुड़ी एक अद्भुत कथा है। ऋषि कात्य ने कठोर तपस्या करके माँ दुर्गा से वरदान माँगा था कि वे उनकी पुत्री के रूप में अवतरित हों। उनकी तपस्या सफल हुई और माँ दुर्गा ने कात्यायनी के रूप में जन्म लिया। इसी कारण उनका नाम "कात्यायनी" पड़ा। माँ कात्यायनी ने महिषासुर जैसे राक्षस का वध किया और देवताओं को उनके आतंक से मुक्त कराया। नवरात्रि, माँ कात्यायनी की यही शक्ति और वीरता हमें सिखाती है कि जब धर्म पर संकट आता है, तो माँ अपनी संतान की रक्षा के लिए किसी भी रूप में आ जाती हैं। 🌸 माँ कात्यायनी का स्वरूप नवरात्रि, माँ कात्यायनी का स्वरूप अद्भुत है – उनका वर्ण स्वर्ण के समान आभा लिए हुए है। सिंह उनकी सवारी है, जो साहस और वीरता का प्रतीक है। वे चार भुजाओं से युक्त हैं। उनके हाथों में कमल और तलवार रहती है। उनका आशीर्वाद देने वाला हाथ भक्तों को अटूट शक्ति और साहस प्रदान करता है। नवरात्रि, माँ कात्यायनी का यह स्वरूप हमें शक्ति और निर्भयता का संदेश देता है। 🌺 माँ कात्यायनी की पूजा विधि नवरात्रि, माँ कात्यायनी की पूजा करने के लिए विशेष विधि बताई गई है – सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर माँ कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। गंगाजल से शुद्धिकरण करें। लाल फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। "ॐ देवी कात्यायन्यै नमः" मंत्र का जप करें। माता को गुड़ और शहद का भोग लगाएँ। अंत में आरती करें और अपनी मनोकामना प्रकट करें। कहा जाता है कि नवरात्रि, माँ कात्यायनी की पूजा से विवाह संबंधी सभी बाधाएँ दूर होती हैं। 🕉️ माँ कात्यायनी का मंत्र और स्तोत्र मंत्र "ॐ देवी कात्यायन्यै नमः" स्तोत्र "चंद्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥" नवरात्रि, माँ कात्यायनी का यह मंत्र और स्तोत्र भक्त को आध्यात्मिक बल, साहस और विजय दिलाते हैं। 🌼 नवरात्रि, माँ कात्यायनी और ज्योतिषीय महत्व ज्योतिष के अनुसार, माँ कात्यायनी का संबंध बृहस्पति ग्रह से है। जिन लोगों की कुंडली में विवाह संबंधी दोष होते हैं, वे नवरात्रि, माँ कात्यायनी की पूजा करके उन दोषों से मुक्ति पा सकते हैं। यही कारण है कि माँ कात्यायनी को "विवाह बाधा नाशिनी" भी कहा जाता है। 🌸 नवरात्रि, माँ कात्यायनी की भक्ति का प्रभाव जीवन से भय और शत्रुता समाप्त होती है। विवाह संबंधी सभी रुकावटें दूर होती हैं। मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होता है। घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है। साधक को अदम्य साहस और शक्ति मिलती है। ✨ क्यों देखें यह वीडियो? यह वीडियो आपको नवरात्रि, माँ कात्यायनी के पूजा विधि, महत्व, कथा और रहस्यों से अवगत कराएगा। इसमें दी गई जानकारी आपकी भक्ति को और गहरा करेगी और आपकी मनोकामनाएँ पूरी करने का मार्ग दिखाएगी। 👉 यदि आप नवरात्रि, माँ कात्यायनी की पूजा का सही तरीका जानना चाहते हैं। 👉 यदि आप माँ कात्यायनी की कथा और महत्व को समझना चाहते हैं। 👉 यदि आप अपनी जिंदगी में सुख, शांति और सफलता चाहते हैं। तो यह वीडियो आपके लिए ही है। इसे अंत तक जरूर देखें। 🌺 निष्कर्ष नवरात्रि, माँ कात्यायनी की साधना शक्ति, साहस और समर्पण का प्रतीक है। जो भी भक्त श्रद्धा और विश्वास से उनकी पूजा करता है, माँ कात्यायनी उसकी हर मनोकामना पूरी करती हैं। 🙏 तो आइए, इस नवरात्रि माँ कात्यायनी की साधना से जीवन को सुख, शांति और सफलता से भर दें।