श्रीमद भगवत गीता - अध्याय 3 | श्लोक - 38, 39 (पूर्ण व्याख्या सहित)

श्रीमद भगवत गीता - अध्याय 3 | श्लोक - 38, 39 (पूर्ण व्याख्या सहित)

Shrimad Bhagwat Geeta - Chapter 3 (कर्म योग) श्लोक - 38, 39 (Fully Explained). इन श्लोकों का हर वाक्य भगवान ने क्यों बोला है, उनका क्या भाव है, वह सब आपको इस वीडियो में मिल जाएगा। मेरे चैनल पर मैं इसी तरह भगवद गीता के श्लोकों के अर्थ आपके साथ साझा करती हूँ। एकादशी या कोई अन्य तिथि या किसी त्योहार की सरल पूजा विधि , शुभ मुहूर्त एवं व्रत कथा/माहात्म्य भी आपको इस चैनल पर मिल जाएगी। इसके अलावा कई चमत्कारी और शक्तिशाली स्तोत्र एवं भगवान से जुड़ने के बारे में जानकारी भी आपको यहां प्राप्त होगी। अगर आपको कुछ भी समझने में परेशानी हो, तो आप अवश्य comment करके पूछ सकते हैं। उसका जवाब आपको हद से हद 24 घंटों में मिल जाएगा। भागवत गीता एक ऐसी ज्ञानगंगा है, जिसमें गोता लगाने वाला कभी नहीं डूबता बल्कि भवसागर से पार हो जाता है। इसलिए हम सबको इसका पाठ अवश्य करना चाहिए। इसके पाठ से धीरे-धीरे हमारे जीवन की परेशानियां दूर होने लगती हैं। इस वीडियो पर आने के लिए आपका धन्यवाद। 🙏🏻 राधे राधे 🙏🏻 My Instagram link -   / lifestyle_with_god07   My Facebook page link -   / lifestyle-with-god-109266401577360   #bhagavadgita #srimadbhagavadgita #bhagwatgeeta #shrimadbhagwatgeeta #bhagwatkatha #bhagavatam