नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर आरएसएस से जुड़े एक पूर्व सरपंच ग्रामीण नेता की निर्मम हत्या की

नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर आरएसएस से जुड़े एक पूर्व सरपंच ग्रामीण नेता की निर्मम हत्या की

नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर आरएसएस से जुड़े एक ग्रामीण नेता की निर्मम हत्या की खबर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की है जहां नक्सलियों ने पूर्व सरपंच और आरएसएस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हत्या से पूर्व नक्सलियों ने लोक अदालत लगाई थी। पुलिस के मुताबिक नक्सलियों ने पहले संघ से जुड़े दादू राम कोरटिया को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया और फिर लोक अदालत लगाकर उन्हें गोली मार दी। घटना दुर्गु कोंदल के कोंडेगांव की है। कथित लोक अदालत में नक्सलियों ने संघ कार्यकर्ता को आदिवासी विरोधी बताया था। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10.30 बजे 20-25 हथियारबंद नक्सली दादू राम के घर पहुंच गए। उन्होंने दादू राम को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया। बाहर निकलते ही उन पर पहले कुल्हाड़ी से वार किया और फिर गोली मार दी। इसके बाद नक्सली वहां पर पर्चा फेंककर चले गए। घटना के समय घर पर दादू राम की पत्नी मौजूद थीं। इससे पहले सोमवार को नक्सलियों ने कांकेर में ही कोयलीबेड़ा इलाके में जन अदालत लगाकर एक युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने युवक पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था और फिर डंडों से पीट पीटकर उसे मार डाला। इसके बाद उसका शव जंगल में फेंक कर चले गए। वहीं इस घटना में नक्सलियों ने पर्चे छपवाकर कश्मीर मुद्दे पर भाजपा, आरएसएस को धमकी दी है। पर्चे में लिखा है, कि भाजपा और आरएसएस की गतिविधियां आदिवासी और दलित विरोधी हैं। तानाशाही और हिटलरशाही व्यवहार करते हुए कश्मीर से अनुच्छेद 370 को रद्द किया गया। दादू सिंह ऐसे संगठन से जुड़कर अपनी गतिविधियां चला रहा था। पर्चे में नक्सलियों ने सरकार के विरोध में 30 अगस्त को बंद का ऐलान किया है। कांकेर से खबर 24 एक्सप्रेस के लिए कबीरदास व के.एस ठाकुर की संयुक्त रिपोर्ट