चार पुराने ख़त निकले अलमारी से I Dr Kumar Vishwas I Gyan Prakash Akul I Yuvaz Season 1

चार पुराने ख़त निकले अलमारी से I Dr Kumar Vishwas I Gyan Prakash Akul I Yuvaz Season 1

“अलग नगर के कोलाहल से, अलग पुरी-पुरजन से, कठिन साधना में उद्योगी लगा हुआ तन-मन से।” दिनकर कृत रश्मिरथी की यह पंक्तियाँ युवाज़ के योग्य प्रतिभागियों पर बिलकुल सटीक बैठती हैं। पूरी विडियो देखने पर आपको भी अवश्य महसूस होगा कि प्रचार और प्रसार से कोसो दूर लखीमपुर का यह नौजवान गीत की विधा में कैसी ग़ज़ब की पंक्तियाँ रच रहा है। हमें पूरा यक़ीन है कि आपका स्नेह इस युवा गीतकार ज्ञान प्रकाश आकुल को पहचान और सम्मान की अभीष्ट ऊँचाई तक अवश्य ले जाएगा। ❤️ #DrKumarVishwas #KVStudio #YuvazSeason1 Follow us on :- YouTube :-    / thekvstudio   Facebook :-   / thekvstudio   Twitter :-   / thekvstudio