कभी-कभी भगवान को बुलाने के लिए ना मंत्र चाहिए… ना शास्त्र… सिर्फ़ सच्चा प्रेम। यह कथा है उड़ीसा की पवित्र भूमि की एक ऐसी साधारण स्त्री की जिसकी सेवा और भक्ति ने स्वयं भगवान जगन्नाथ को मंदिर की चौखट छोड़कर धरती पर आने को विवश कर दिया। वह ना विदुषी थी ना धनवान… पर उसका हृदय श्रद्धा से भरा हुआ था। यह कहानी हमें सिखाती है कि— भगवान शब्द नहीं देखते भाव देखते हैं। सेवा कभी छोटी नहीं होती और सच्ची भक्ति कभी अनसुनी नहीं रहती। इस वीडियो को अंत तक देखें और महसूस करें कि जहां प्रेम होता है वहीं भगवान स्वयं प्रकट होते हैं।