स्वर्गीय पिता हम आते हैं Swargiye Pita hum aate hain

स्वर्गीय पिता हम आते हैं Swargiye Pita hum aate hain

स्वर्गीय पिता हम आते हैं (52) स्वर्गीय पिता हम आते हैं, आशिष पाना चाहते हैं 1. हम हैं पापी और अज्ञानी, (2) हमने तब आज्ञा नहीं मानी, (2) लाज से सिर को झुकाते हैं । (2) 2. तू है दीनों का प्रतिपालक, (2) तू ही है, प्रभु, पाप-उद्धारक, (2) तेरे ही गुण गाते हैं । (2)