'क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा' जिस किसी भी युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो रहा है या विलम्ब हो रहा है उन्हें इस महा मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। और श्री कृष्ण मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ श्री कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय नमः ॐ श्री कृष्णाय नमः इक्षा प्राप्ति कृष्ण श्लोक 'कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम् । सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्री परिवेष्टितो विजयते गोपाल चूडामणिः ॥' आकर्षण कृष्ण मंत्र 'कृं कृष्णाय नमः' यह श्रीकृष्ण का बताया मूलमंत्र है जिसके प्रयोग से व्यक्ति का अटका हुआ धन प्राप्त होता है। इसके अलावा इस मूलमंत्र का जाप करने से घर-परिवार में सुख की वर्षा होती है। धार्मिक उद्देश्यों के अनुसार यदि आप इस मंत्र का लाभ पाना चाहते हैं तो प्रातःकाल नित्यक्रिया व स्नानादि के पश्चात एक सौ आठ बार माला के जरिए इसका जाप करें। ऐसा करने वाले जातक अपनी सभी बाधाओं एवं कष्टों से सदैव मुक्त रहते हैं। इस मंत्र के जप से कहीं भी अटका धन तुरंत प्राप्त होता ह श्री कृष्ण मंत्र, श्लोक तथा स्त्रोतम का जप दिलाएंगे धन और समृद्धि आकर्षण कृष्ण मंत्र 'कृं कृष्णाय नमः' यह श्रीकृष्ण का बताया मूलमंत्र है जिसके प्रयोग से व्यक्ति का अटका हुआ धन प्राप्त होता है। इसके अलावा इस मूलमंत्र का जाप करने से घर-परिवार में सुख की वर्षा होती है। धार्मिक उद्देश्यों के अनुसार यदि आप इस मंत्र का लाभ पाना चाहते हैं तो प्रातःकाल नित्यक्रिया व स्नानादि के पश्चात एक सौ आठ बार माला के जरिए इसका जाप करें। ऐसा करने वाले जातक अपनी सभी बाधाओं एवं कष्टों से सदैव मुक्त रहते हैं। इस मंत्र के जप से कहीं भी अटका धन तुरंत प्राप्त होता है। 'ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा' यह कोई साधारण मंत्र नहीं हे यह श्रीकृष्ण का सप्तदशाक्षर महामंत्र है। अन्य मंत्र शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार 108 बार जाप करने से ही सिद्ध हो जाते हैं, लेकिन इस महामंत्र का पांच लाख जाप करने से ही सिद्ध होता है। धार्मिक शास्त्रानुसार जप के समय हवन का दशांश अभिषेक का दशांश तर्पण तथा तर्पण का दशांश मार्जन करने का विधान शास्त्रों में अंकित है। जो व्यक्ति ये मंत्र सिद्ध करता है तो उसे करोड़पति होने से कोई नहीं रोक सकता है। 'गोवल्लभाय स्वाहा' देखने में यह केवल दो शब्द दिखाई दे रहे हैं लेकिन धार्मिक संदर्भ से देखें तो इन शब्दों को बनाने के लिए प्रयोग में आए सात अक्षर बेहद महत्वपूर्ण हैं। और उच्चारण के समय एक भी अक्षर सही से नहीं पढ़ा जाए, तो इस मंत्र का प्रभाव समाप्त हो जाता है। आपको अवगत करादें की इस सात अक्षरों वाले श्रीकृष्ण मंत्र से अपार धन प्राप्ति होती है। यदि आप भी शीघ्र से शीघ्र बहुत सारा धन पाना चाहते हैं तो जब समय मिले इस मंत्र का जाप अवश्य करें। उठते-बैठते, चलते-फिरते हर समय इस मंत्र का उच्चारण सही रूप से करते रहें। वेसे तो इस मंत्र के जाप के लिए कोई विशेष संख्या नहीं बांधी गई है, लेकिन भी ऐसा पाया गया है कि इस मंत्र जाप की संख्या सवा लाख होते ही आर्थिक स्थिति में आश्चर्यजनक रूप से परिवर्तन होने लगता है। 'गोकुल नाथाय नमः' इस आठ अक्षरों वाले श्रीकृष्णमंत्र का जो भी जातक जप करता है उसकी सभी इच्छाएं व अभिलाषाएं पूर्ण होती हैं। वह इच्छा चाहे धन से संबंधित हो, भौतिक सुखों से संबंधित हो या किसी भी निजी कामना को पूरा करने के लिए हो। इस मंत्र का सही उच्चारण करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 'क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः' आर्थिक कष्ट को दूर करने वाले इस मंत्र का प्रयोग जो भी जातक करता है उसे संपूर्ण सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। यह मंत्र आर्थिक स्थिति को ठीक करता है, और आर्थिक स्थिति में तेजी से वृद्धि लाता है। 'ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नम:' यह एक ऐसा मंत्र है जो मात्र विवाह से जुड़ा है। जो भी जातक प्रेम विवाह करना चाहते हैं लेकिन किन्हीं कारणों से विवाह तक बात नही पहुच रही हो या प्रेमी पर भरोसा नहीं हो रहा हो तो जातक प्रात: काल में स्नान के बाद मानसिक रूप से ध्यानपूर्वक इस मंत्र का 108 बार जाप करें। कुछ ही दिनों में उन्हें चमत्कारी परिणाम प्राप्त हो जायेंगे। 'ऐं क्लीं कृष्णाय ह्रीं गोविंदाय श्रीं गोपीजनवल्लभाय स्वाहा ह्र्सो' यह मंत्र उच्चारण में थोड़ा कठिन अवश्य है लेकिन इसका प्रभाव उतना ही प्रभावशाली है। यह मंत्र वाणी के लिए वरदान देता है। यहां वाणी से अर्थ उनके लिए नहीं है जो अपनी आवाज खो चुके हों यह मंत्र उन्हें वाणी प्रदान करता है अर्थात् ऐसी शक्ति जिससे आपकी वाणी की क्षमता मजबूत हो जाती है और जो भी बोलें वह सही सिद्ध हो जाता उसे वाक शक्ति कहते है। 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीकृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय श्रीं श्रीं श्री' यह 26 अक्षरों वाला श्रीकृष्ण मंत्र है जो जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा को दूर करने में सहायक सिद्ध होता है। एक मान्यता यह भी है कि जो भी जातक इस श्रीकृष्ण मंत्र का जाप करता है, उसके जीवन में कभी धन की कमी नहीं आती। उसकी धन से संबंधित सभी बाधाएं इस मंत्र के नियमित प्रयोग से दूर हो जाती हैं। 'ॐ नमो भगवते नन्दपुत्राय आनन्दवपुषे गोपीजनवल्लभाय स्वाहा' यह श्रीकृष्ण का वह मंत्र है, जिसका जाप करने से मनोवांछित फल प्राप्ति होते हैं। जो भी साधक इस मंत्र का जाप करता है उसको समस्त अभीष्ट वांछित वस्तुएं प्राप्त हो जाती हैं। 'लीलादंड गोपीजनसंसक्तदोर्दण्ड बालरूप मेघश्याम भगवन विष्णो स्वाहा' श्रीकृष्ण के इस मंत्र का जो भी जातक एक लाख जप के साथ घी, शक्कर तथा शहद में तिल व अक्षत को मिलाकर हवन भी करे तो उसे स्थिर लक्ष्मी अर्थात स्थायी संपत्ति की प्राप्ति होती है। 'नन्दपुत्राय श्यामलांगाय बालवपुषे कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा' |