कही आप भी तो नहीं कर रहे हो पुरे घर का विनाश | माता मसानी कौन है | Mata masani kya kya kar sakti hai मां मसानी देवी मंदिर के स्थान पर कभी श्मशान घाट हुआ करता था, जहां दाह संस्कार होता था। यहीं पर एक एक कुआं था और उसके सामने सड़क थी। बंजारों की टोलियां जब सड़क से गुजरती थी तो यहां लगे बरगद के पेड़ के नीचे आराम करती थी। कुएं के पानी से प्यास बुझाने के साथ ही यहां स्थापित संकटा देवी की प्रतिमा का पूजन करते थे। धीरे-धीरे मां संकटा देवी मसानी देवी के नाम से प्रचलित हो गईं। मंदिर में श्री गणेश, हनुमान जी, संतोषी माता, दुर्गा माता, लक्ष्मी माता, भगवान शिव, माता पार्वती, भैरो बाबा, नरसिंह भगवान और सांई बाबा की प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है। शीतला माता सनातन धर्म में आस्था रखने वालों की एक प्रसिद्ध देवी हैं। इन्हें संक्रामक रोगों से बचाने वाली देवी भी कहा जाता है। स्कंद पुराण में इनका जिस प्रकार से वर्णन किया गया है उसके अनुसार इन्हें स्वच्छता की देवी भी कहा जा सकता है। देहात के इलाकों में तो स्मॉलपॉक्स (चेचक) को माता, मसानी, शीतला माता आदि नामों से जाना जाता है। मान्यता है कि शीतला माता के कोप से ही यह रोग पनपता है, इसलिए इस रोग से मुक्ति के लिये आटा, चावल, नारियल, गुड़, घी, कच्ची लस्सी इत्यादि माता के नाम पर रोगी श्रद्धालुओं से रखवाया जाता है। पौराणिक ग्रंथों में प्राचीन काल से ही शीतला माता का माहात्मय बहुत अधिक माना गया है। स्कंद पुराण के अनुसार इनका वाहन गर्दभ बताया गया है। ये अपने हाथों में कलश, सूप, झाड़ू एवं नीम के पत्ते धारण करती हैं। इन सब का चेचक जैसे रोग से सीधा संबंध भी है एक और कलश का जल शीतलता देता है तो सूप से रोगी को हवा की जाती है, झाड़ू से जो छोटे छोटे फोड़े निकलते हैं वो फट जाते हैं नीम के पत्ते उन फोड़ों में सड़न नहीं होने देते। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि माता शीतला की कृपा से रोगी के रोग नष्ट हो जाते है। @officialdevibhagwatishakti #matamasani #masani #masanimaa #meldi #meldimasani #masanimaastatus mata masani kon hai mata masani history in hindi mata masani ka din kaun sa hai mata masani ka bhog masani kitne prakar ki hoti hai mata masani ko prashan kaise kare mata masani ko khush kaise kare