खाकी पर दाग :जोधपुर कुड़ी भगतासनी थाने के सीआई व 3 कांस्टेबल सस्पेंड,.... कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने के तीन कांस्टेबलों ने खाकी को फिर दागदार कर दिया। उन्होंने एक बजरी सप्लायर को जबरन एक किलो अफीम की पोटली थमाई और 6 लाख रुपए की मांग की। साथ ही रुपए नहीं देने पर उसे एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी दी। हालांकि बुधवार को डीसीपी (पश्चिम) आलोक श्रीवास्तव ने कांस्टेबल ज्ञान चंद मीणा, शांति प्रकाश व सरदार सिंह को सस्पेंड कर दिया। बाद में पुलिस कमिश्नर जोस मोहन ने मामले में लापरवाही बरतने के मामले में कुड़ी थानाधिकारी जुल्फिकार अली को भी सस्पेंड कर दिया। उनकी जगह पर अमित सिहाग को कुड़ी थानाधिकारी लगाया गया है। कुड़ी का कालूलाल बाबल बजरी का डंपर चलाता है। 20 मई की रात वह घर जा रहा था तो सादी वर्दी में एक कार में बैठे तीनों कांस्टेबल ने उसे रास्ता पूछने के बहाने रोका। फिर तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बता उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और एक किलो अफीम की पोटली थमा उसे एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। सीआई को भनक तक नहीं, अफसरों ने तीनों कांस्टेबलों को बुलाया तो आए ही नहीं कुड़ी थानाधिकारी जुल्फिकार अली की नाक के नीचे काम करने वाले तीन कांस्टेबलों ने छह लाख रुपए की वसूली कर ली, लेकिन सीआई अली को भनक तक नहीं लगी। इधर, मंगलवार को पैसे लेने की बात जब पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो एडीसीपी वेस्ट हरफूल चौधरी, एसीपी मांगीलाल राठौड़ कुड़ी थाने पहुंचे और सीआई से मामले की जानकारी मांगी तो वे इंकार ही करते रहे। जब तीनों कांस्टेबल को बुलाना चाहा तो वे थाने से नदारद रहे। सूत्रों की मानें तो कुड़ी थाने में सीआई की चलती कम ही थी। ऐसे में कांस्टेबल खुद को सीआई मानने लगे थे और 20 मई को वसूली का खेल तक कर लिया। 11 दिन तक सीआई को कानों कान भनक तक नहीं लगी। हालांकि लापरवाही व मॉनिटरिंग में चूक की वजह से थानाधिकारी को सस्पेंड किया गया, लेकिन सवाल यह है कि क्या वसूली में भी वे शामिल थे? भँवर मालवीय लोहार ब्यूरो चीफ जोधपुर