ERTUGRUL GAZI AUR TURKEY HUKUMAT ये गाज़ी ये तेरे पुरअसरार बन्दे जिन्हे तुन्हे बक्शा है जौके खुदाई दुनिम इनकी ठोकर से दरिया व सहारा सिमट कर पहाड़ इनकी हैबत से राई अल्लामा इकबाल के अशआर मुसलामनों की शानदार तारीख को बयान करती है मौजूदा हालात में आज का मुसलमान कहा है और किस कदर पस्ती में गिरा हुआ है, थे -तो -आबा -वो -तुम्हारे -हे -मगर -तुम -क्या -हो ,-हाथ -पर -हाथ -धरे -मुन्तज़िर -ए-फ़र्दा -हो तक़रीबन माशरा एक अजीब से ज़ेहनियत से मुतास्सिर है सभी जानते है के मुस्लिम नौजवान इस्लामी तारीख को भूल चूका है नौजवान नस्ल मोबाइल पर विडिओ गेम अपनी शबो रोज गुजार रहा है और जब तुर्की के सदर जनाब तय्यब अर्दोगान ने मुस्लिम नौजवानो को इस्लामी तारीख से आशना करने के लिए अर्तग्रुल ग़ाज़ी नाम का ड्रामा शुरू किया तो इस पर भी फतवेबाजी का दौर जारी हुआ है मुस्लिम नमनिहाद फ़तवेबाजों के साथ असल मुश्किल अमेरिका ब्रिटैन और दीगर मुमालिक में भी अर्तग्रुल ग़ाज़ी पर पाबन्दी की मांग की जा रही है वजह रहे के आज दुनिया सबसे मकबूल तरीन ड्रामा है जो दुनिया के मुख़ातिफ़ हिस्सों में मुख्तलिफ ज़बानों के साथ देखा जा रहा है अब इसकी मकबूलियत ने दुनिया के सुपर पावर के तक होश उड़ा दिए है अमेरिका के अख़बारों ने अर्तग्रुल गाज़ी को एटम बम कहा है अखबार कहता है के मुस्लिम नौजवानों में जिहादी जज़्बा पैवस्त करने के लिए यह तुर्की की जानिब शया किया गया है मेरी अपनी जाती राय यह है के जो अदाकार अर्तग्रुल ग़ाज़ी का किरदार निभा रहा है वह अपनी जाती ज़िन्दगी में क्या है करता है इस पर ज़ेहन खफाने से अच्छा है के यह सीरियल क्या पैगाम देता है और इससे कितना नौजवानों में असर देखा जा रहा है इस पर तवज्जोह दी जाय इसकी मकबूलियत से यहूदी मुशरिक ख़ौफ़ज़दा है के कही इस्लामी इंकलाब ना आजाये दूसरी तरफ सऊदी अरब मिस्र में भी इस ड्रामे पर पाबन्दी आयेद की है क्या के अर्तग्रुल ग़ाज़ी तेरहवी सदी के उस इस्लामी मुजाहिद की दास्ताँ है जिसने सलीबी और मंगोल के जुल्मोसितम का मुहतोड़ जवाब दिया है १२९९ में खिलाफते उस्मानिया की बुनियाद रखी अर्तग्रुल उस वक़्त के सुपर पावर बन गए थे खिलाफत ए उस्मानिया की साढ़े छे सौ साल हुकूमत रही यह भी बताना ज़रुई है के तक़रीबन चालीस से भी ज़ायेद मुल्क इस्लामी खिलाफत के ज़ेरे हुकूमत रहते थे खिलाफते उस्मानिया का मरकज़ तुर्की था और मक्का मदीना की मेजबानी भी यही किया करते थे उस वक़्त मुसलामनों पर कोई ज़ुल्म करने का सोच भी नहीं सकता था क्यों के फ़ौज हथियार बेशुमार थे जब १९२३ में खिलाफते उस्मनिअ को ख़त्म कर दिया गया तब सौ साल के लिए इन्हे मुहायदे के तहत बांध लिया गया उस वक़्त मुस्तफा कमल अतातुर्क ने मुहायदा ए लोजान पर दस्तखत किये थे तय्यब अर्दोगान उस सौ साल का इंतज़ार कर रहे है और कहा यह भी जा रहा है के २०२३ में यह मुहायदा ख़त्म हो रहा है और इसी बहाने तुर्की दुनिया के मुसलमानों को खिलाफत की तरफ ले जाना चाहते है यही डर अमेरिका इस्राइल को है लिहाजा १५ जुलाई २०१६ सदर ए तुर्की तय्यब अर्दोगान के खिलाफ फौजी बगावत करने की साज़िश की गयी पर तुर्की की अवाम ने इसे नाकाम बना दिया कभी कभी ऐसा होता है के यहूदी साज़िशे नाकाम हो जाती है साज़िशे अब भी जारी है सऊदी अरब तुर्की के खिलाफ है क्यों के खिलाफते उस्मानिया ख़त्म होने के बाद काबे की ज़िम्मेदारी आले सऊद के पास है और आले सऊद अमेरिका की पुस्तपनाही में है तय्यब अरदगान का कहना है के पूरी दुनिया इस्लामॉफ़ोबिआ के चलते मुसलमानों पर ज़ुल्म ज़्यादती की जा रही है मुस्लमान अपनी शानदार तारीख को भूल गए है यह भी बताना ज़रूरी है के जब म्यांमार में मुसलामनों पर बेइंतहा ज़ुल्म किये थे तो यह तय्यब अर्दोगान और इनकी अहलिया ने इन्हे मदद की थी फलस्तीन रूस पर भी काफी गहरी नज़र है और इसी के चलते कश्मीर का भी ज़िक्र तुर्की की जानिब से किया जाता है सऊदी अरब मुस्लिम मुल्कों की नामनिहाद कयादत करता है पर वर्ल्ड इस्लामिक कारपोरेशन जिनमे कई सारे मुस्लिम मुल्क है इसके बराबर तुर्की मलेसिआ इंडोनेशिया क़तर और दीगर मुल्कों को साथ में लेकर कट्टर मुस्लिम मुल्कों का संघटन तय्यब अर्दोगान की जानिब से किया जा रहा है कहने का मतलब यह है के २०२३ में जब यूरोप के मुल्कों से लोजेन मुहायदा जिसे ट्रीटी ऑफ़ लोजेन कहा जाता है #tayyaberdogan#ertugrulghazi#dirilisertugrul#ertugrul