कड़ाके की ठंड, सुनसान सड़कें और मौत–ज़िंदगी के बीच झूलती एक उम्मीद… यही था वो पल, जब कैलगरी की सर्द रात में इंसानियत ने सबसे तेज़ दस्तक दी। हरदीप सिंह तूर—भारतीय मूल के एक साधारण टैक्सी ड्राइवर—उस रात किसी फरिश्ते से कम नहीं थे।...more