भेड़िया आया | Bhediya Aaya | Hindi Moral Stories for Kids HIndi Kahaniya | Panchtantra Moral Stories

भेड़िया आया | Bhediya Aaya | Hindi Moral Stories for Kids HIndi Kahaniya | Panchtantra Moral Stories

#PanchatantraTales #hindimoralstories #hindifairytales #bedtimestories #hindistories #moralstories #hindikahaniya #HindiMoralStories #PanchatantraStories #FairyTales #hindikahani भेड़िया आया | The Boy Who Cried Wolf Story | Hindi Moral Stories for Kids ‘बचाओ बचाओ –भेड़िया आया भेड़िया आया’ कोई ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रहा था| चिल्लाने की आवाज़ सुनकर गाँव के लोग हाथों में डंडे लेकर आवाज़ की तरफ दौड़ पड़े। वे कहते जा रहे थे – ‘तुम डरना मत हम आ रहे हैं तुम्हें बचाने!’ आवाज़ के सोत्र तक पहुंचे तो देखा कि एक चरवाहा भेद बकरियों के साथ खड़ा है। ‘हैं? कहाँ है भेड़िया?’ चरवाहा उन्हें देखकर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा। ‘हा हा हा हा...भेड़िया? हा हा हा मैं तो मज़ाक कर रहा था! कैसे दौड़े दौड़े आ रहे हैं सब! हा हा हा, मज़ा आ गया!’ गाँव वालो को उसके इस मज़ाक पर बहुत गुस्सा आया। एक आदमी बोला, ‘तुम्हारे लिए यह हँसने की बात है भला? हम सब तुम्हारे लिए चिंतित थे और तुम यहाँ केवल बातें बना रहे हो? ‘चलो रामा भैया, हमने बेकार में ही अपना समय बर्बाद किया इसकी बातों में आकर।’ पास खड़े दूसरे आदमी ने कहा। गाँव वाले चले गए। चरवाहा गाँव के छोटे से घर में अपनी माँ के साथ रहा करता था और रोज़ अपनि भेड़ चराने गाँव की दूसरी ओर, जंगल के पास जया करता था। वह अक्सर सोचा करता की ये भेड़ चराना भी क्या उबाऊ काम है। इस ही लिए वह रोज़ खुद का मनोरंजन करने के लिए नए नए नुस्खे आजमाता रेहता था। भेड़िये का भय फैलाना आज-कल उसका नया शौक था। एक दिन फिर चरवाहे ने ज़ोर ज़ोर से चिल्लाया, ‘भेड़िया आया! अरे कोई बचाओ!’ कुछ लोग फिर उसकी आवाज पर दौड़े आए। फिर चरवाहा खूब हँसा और गाँव वाले खोब फनफनाए। एक दो बार और से उसने मजाक किया पर अब गाँव में से कोई भी उस पर भरोसा नहीं करता था। बार –बार झूठ बोलने से लोग परेशान हो चुके थे। अचानक एक दिन फिर से खेतों में काम कर रहे लोगो को चरवाहे की आवाज सुनाई दी – ‘बचाओ, बचाओ! भेड़िया आया, भेड़िया आया! मदद करो। कोई तो सुनो।’ लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आपस में वे कह रहे थे, ‘इसको हमें तंग करने की आदत पड़ गई है। हमें फालतू समझ रखा है इसने।’ वहाँ चरवाहे की आवाज धीमी पड़ती जा रही थी। भेड़िया को करीब आते देख उसकी घिग्घी बंध गई। आवाज के अंतर को भाँप कर कुछ गाँव वाले सचेत हो गए और चारागाह पहुँच गए। भेड़िए ने तब तक भेड़ों के झुंड पर हमला कर दिया था। गाँव वालों को आता देख कर भेड़िया भाग गया। चरवाहा घबराया हुआ पेड़ पर बैठा था। किसी तरह उसने अपनी जान तो बचा ली पर अपनी प्यारी भेड़ से हाथ धो बैठा। गाँव के लोगों ने उसे पेड़ से उतारा और घर ले आए। उसे अपनी गलती का एहसास हो चुका था। बार बार झूठ बोलने के कारण ही किसी ने उस पर भरोसा नहीं किया था । To bacho, is kahaani se hume seekh milti hai k hume kabhi jhooth nahi bolna chahye. जिसने झूठ कभी न बोला, लोगों का विश्वास न तोड़ा कठनाई के वक्त में भी, उसका किसिने साथ न छोड़ा। #hindifairytales #hindimoralstories #PanchatantraTales kid activity, primary class activity, story for kids hindi story maths activity learning with story easy story moral story moral value story