शुक्र प्रदोष व्रत कथा ( Shukra Pradosh Vrat Katha ) | Nonstop Pradosh Katha 2026 | Pardoshvratsong

शुक्र प्रदोष व्रत कथा ( Shukra Pradosh Vrat Katha ) | Nonstop Pradosh Katha 2026 | Pardoshvratsong

🙏 शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पुण्यदायी व्रत है। जब प्रदोष तिथि शुक्रवार को पड़ती है, तब उसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। शुक्र प्रदोष व्रत कथा ( Shukra Pradosh Vrat Katha ) | Nonstop Pradosh Katha 2026 | Pardoshvratsong शुक्र प्रदोष व्रत कथा ( Shukra Pradosh Vrat Katha ) | Nonstop Pradosh Katha 2026 | Pardoshvratsong Title :- Shukra Pradosh Vrat Katha Singer :- Vivek Vasishtha Lyrics :- Anil Sharma Music :- Pritam Rawat FD25122423589 Tr30372 #शुक्र_प्रदोष_व्रत_कथा #Shukra_Pradosh_Vrat_Katha #Nonstop_Pradosh_Katha_2026 #Pardoshvratsong #nonstooppardoshvartkatha #latestpardoshvratkatha2025 #newpardoshvratsong #hitspardoshvratkatha2026 #hitspardoshvratkatha #jueboxpardoshvratkatha #pardoshkatha #bhaktikatha #bhaktisong #fullpardoshvratkatha शुक्र प्रदोष व्रत कथा,Shukra Pradosh Vrat Katha,Nonstop Pradosh Katha 2026,Pardoshvratsong,shukra pradosh vrat katha,pradosh vrat ki katha,shukra pradosh ki kahani,shukra pradosh vrat katha in hindi,shukra pradosh vrat ki katha,शुक्रवार प्रदोष व्रत की कथा,shukra pradosh ki katha,pradosh vrat katha,shukrawar pradosh vrat katha,pradosh kaal time,pradosh vrat,pradosh vrat kab hai,shukra pradosh vrat,shukravar pradosh vrat katha,pradosh katha 🔱 शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व यह व्रत वैवाहिक सुख, प्रेम, सौभाग्य और धन-समृद्धि बढ़ाता है पति-पत्नी के बीच प्रेम और मधुरता आती है कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है 📅 शुक्र प्रदोष व्रत कब किया जाता है? हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यदि यह तिथि शुक्रवार को हो → शुक्र प्रदोष व्रत ⏰ पूजा का शुभ समय (प्रदोष काल): सूर्यास्त के बाद लगभग 1.5 घंटे 🪔 शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें पूरे दिन फलाहार या उपवास रखें शाम को पूजा स्थान शुद्ध करें शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, सफेद फूल अर्पित करें माता पार्वती को सिंदूर, श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं दीपक जलाकर शिव मंत्र या प्रदोष व्रत कथा पढ़ें अंत में शिव आरती करें 🕉️ जप करने योग्य मंत्र ॐ नमः शिवाय (108 बार) या ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्… 📖 शुक्र प्रदोष व्रत कथा (संक्षेप) एक नगर में राजा और रानी शिवभक्त थे। रानी ने शुक्र प्रदोष व्रत किया जिससे उनके जीवन की सभी बाधाएँ दूर हुईं और राज्य में सुख-समृद्धि आई। यह व्रत शिव कृपा से सभी संकटों को नष्ट करता है।