आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के छठवें दिन महाविद्या मां त्रिपुर भैरवी की कथा | Gupt Navratri ki Katha Day 6 आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के छठवें दिन महाविद्या मां त्रिपुर भैरवी की कथा | Gupt Navratri ki Katha Day 6 #maatripurbhairavikikatha #maadurgakikatha #GuptNavratrikikatha #GuptNavratri आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के छठवें दिन महाविद्या मां त्रिपुर भैरवी की कथा | Gupt Navratri ki Katha Day 6 #maatripurbhairavikikatha #maadurgakikatha #GuptNavratrikikatha #GuptNavratri Navratri Katha- गुप्त नवरात्रि की कथा, गुप्त नवरात्रि के छठवें दिन - मां त्रिपुर भैरवी की कथा | Gupt Navratri ki Katha | Mahavidya maa tripur Bhairavi ki Katha, त्रिपुर भैरवी के नाना प्रकार के भेद बताए गए हैं जो इस प्रकार हैं त्रिपुरा भैरवी, चैतन्य भैरवी, सिद्ध भैरवी, भुवनेश्वर भैरवी, संपदाप्रद भैरवी, कमलेश्वरी भैरवी, कौलेश्वर भैरवी, कामेश्वरी भैरवी, नित्याभैरवी, रुद्रभैरवी, भद्र भैरवी तथा षटकुटा भैरवी आदि। त्रिपुरा भैरवी ऊर्ध्वान्वय की देवता हैं। माता की चार भुजाएं और तीन नेत्र हैं। । यह साधक को युक्ति और मुक्ति दोनों ही प्रदान करती है। इसकी साधना से षोडश कला निपुण सन्तान की प्राप्ति होती है। जल, थल और नभ में उसका वर्चस्व कायम होता है। आजीविका और व्यापार में इतनी वृद्धि होती है कि व्यक्ति संसार भर में धन श्रेष्ठ यानि सर्वाधिक धनी बनकर सुख भोग करता है। जीवन में काम, सौभाग्य और शारीरिक सुख के साथ आरोग्य सिद्धि के लिए इस देवी की आराधना की जाती है। इसकी साधना से धन सम्पदा की प्राप्ति होती है, मनोवांछित वर या कन्या से विवाह होता है इन्होंने ही, अठारह भुजा युक्त दुर्गा रूप में उत्तम मधु का पान कर महिषासुर नामक दैत्य का वध किया था। Gupt Navratri ki kahani day 6, Gupt Navratri ki Katha day 6, Gupt Navratri Mantra, Gupt Navratri ke chhathve Din Ki Katha, Gupt Navratri mahavidya tripur bhairavi ki katha, Gupt Navratri ki 10 mahavidya, #गुप्तनवरात्रि #GuptNavratri #asadguptnavratri #asadNavratri2025 #maachhinnamasta Gupt Navratri