कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना - Koi Jaye Jo Virindavan || Radha Krishna Bhajan 2026

कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना - Koi Jaye Jo Virindavan || Radha Krishna Bhajan 2026

कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना - Koi Jaye Jo Virindavan || Radha Krishna Bhajan 2025 ♫ Song Name:- Koi Jaye Jo Virindavan ♫ Singer:- ♫ Composer:- ♫ Music ♫ Lyrics:- Traditional ♫ Publisher:- ♫ Copyright:- Radha Krishna Bhajan Bhajan New Bhajan 2025 New Bhajan New Bhajan 2025 Hits Bhajan Superhit Bhajan Krishna New Bhajan Krishna New Bhajan Radha Rani Bhajan Vrindavan Bhajan Radha Krishna Bhajan 2025 Hindi Bhajan Radha Rani Bhaajn Radha Bhajan Kirtan Radha Bhajan Hindi Radha New Bhajan 2025 New Krishna Bhajan Krishan ji ke Bhajan मोहे मोर बनइय्यो राधा | Mohe Mor Banaiyo Radha Apne Vrindavan | Radha Krishna Bhajan #radhakrishna Lyrics: राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा मोहे मोर बनाइयो राधा अपने वृंदावन को मैं नाच नाच पंख पसार तुम्हें रिझाऊँगी मोहे पंछी बनाइयो तो बनाइयो निकुंजवन को मैं उड़ उड़ नाम तेरा जग में गाऊँगी मोहे भिखारी बनाइयो तो बनाइयो बरसाने को मैं मांग मांग प्रेम तेरा तुझको ही पाऊँगी मोहे रसिका बनाइयो तो बनाइयो तेरे धाम को मैं आठों याम राधा राधा राधा नाम गाऊँगी राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा मोहे तिलक बनाइयो राधा अपने मस्तक को मैं तीनों लोकों में तेरी चमक दिखाऊँगी मोहे माला बनाइयो राधा अपने कंठ की मैं खुशबू प्यार की सारे जग में फैलाऊँगी मोहे कंगन बनाइयो राधा अपने हाथन को मैं हर पल तेरे हाथों की दासी बन जाऊंगी मोहे पायल बनाइयो राधा अपने चरणन की मैं छम छम नाच बृज में धूम मचाऊँगी राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा मोहे लता बनाइयो राधा अपने निधिवन की मैं झूम झूम रास मोहन संग रचाउंगी मोहे धारा बनाइयो तो बनाइयो यमुना जी को मैं प्रेम बन सारे जग में बह जाऊंगी (मैं प्रेम बन सारे जग में बह जाऊंगी) मोहे कदंब बनाइयो राधा अपने वन वन को मैं छाँव बन कान्हा को गोद में सुलाऊंगी मोहे कंकड़ बनाइयो तो बनाइयो ब्रजधाम को मैं चरणों में तेरे गिर तुझको मनाऊंगी मैं चरणों में तेरे गिर तुझको मनाऊंगी राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा मोहे कोयल बनाइयो राधा अपने बागन की मैं मीठे मीठे सुर में हरे कृष्णा सुनाऊँगी मोहे पुष्प बनाइयो राधा अपनी माला को मैं सुगंध बन कान्हा को पास बुलाऊंगी मैं सुगंध बन कान्हा को पास बुलाऊंगी मोहे दासी बनाइयो राधा अपने चरणन की मैं जीवन सारा मेरा अब तुझपे लुटाऊँगी मोहे स्वर बनाइयो राधा अपने भजनन को मैं राधे राधे कृष्णा कृष्णा रोज ही गाऊँगी मैं राधे राधे कृष्णा कृष्णा रोज ही गाऊँगी राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा मोहे मोर बनाइयो राधा अपने वृंदावन को मैं नाच नाच पंख पसार तुम्हें रिझाऊँगी मोहे दासी बनाइयो राधा अपने चरणन की मैं जन्मों जन्म को तेरी हो जाऊंगी