कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत के बाद उनके दाह संस्कार की चुनौती सबसे बड़ी है । आखिर उनकी दाह संस्कार कहां किया जाए इसके लिए कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं । जबकि कोरोना से हुई मौत के बाद ज्यादातर उनको मेरठ के सूरजकुंड शवदाह गृह पर लाया जाता है लेकिन वहां पर उनको उतारने की व्यवस्था या उनके दाह संस्कार की कोई व्यवस्था नहीं मिलती । शवदाह गृह में संस्कार कराने वाले पंडित भी हाथ लगाने के लिए मना कर देते हैं। जबकि इसमें सारी जिम्मेदारी प्रशासन की है प्रशासन को सारी व्यवस्था करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता।