Makar Sankranti Katha | मकर संक्रांति की पौराणिक कथा | Surya Dev Katha Makar Sankranti Katha | मकर संक्रांति की पौराणिक कथा | Surya Dev Katha Makar Sankranti Katha | मकर संक्रांति की पौराणिक कथा | Surya Dev Katha Title :- Makar Sankranti Katha Singer :- Poonam Pandey Lyrics :- Anil Sharma Music :- Pritam Rawat FD26010923750_Tr30372 #makarsankrantikatha #makarsankrantikiporanikkatha #suryadevkatha #fullmakarsankrantikatha #makarsankrantigatha #lordmakarsankrantikatha #latestmakarsankrantikikatha #topmakarsankrantikesong #2026makarsankrantibhajan #Makar_Sankranti_Katha #मकर_संक्रांति_की_पौराणिक_कथा #Surya_Dev_Katha Makar Sankranti Katha,मकर संक्रांति की पौराणिक कथा,Surya Dev Katha,makar sankranti ki katha,makar sankranti gunvati ki katha,uttarayan ki kahnai,makar sankranti ki kahani,makar sankranti video,मकर संक्रान्ति,makar sankranti ki kahani in hindi,संक्रांति,मकर संक्रांति की कहानी,makar sankranti story,मकर संक्रांति कहानी,मकर संक्रांति की कथा,makar sankranti vrat katha,मकर संक्रांति व्रत कथा,makar sankranti festival,मकर संक्रांति पूजा विधि,vrat katha 🌞 मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? (पूर्ण विवरण) मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और वैज्ञानिक-आध्यात्मिक पर्व है। यह पर्व हर वर्ष तब मनाया जाता है जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी दिन से सूर्य की गति दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाती है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। 🔭 1. ज्योतिषीय कारण सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है यह पर्व सौर पंचांग पर आधारित है, इसलिए इसकी तिथि लगभग स्थिर रहती है (14 या 15 जनवरी) उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है 👉 शास्त्रों में कहा गया है कि उत्तरायण में किया गया पुण्य अक्षय फल देता है। 📜 2. पौराणिक मान्यताएँ 🔹 सूर्य देव और शनि देव मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। सूर्य और शनि के संबंधों के बावजूद सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश यह सिखाता है कि कर्तव्य और अहंकार से ऊपर उठकर समन्वय बनाना चाहिए। 🔹 भीष्म पितामह का उत्तरायण महाभारत के अनुसार भीष्म पितामह ने अपने देहत्याग के लिए उत्तरायण की प्रतीक्षा की थी, क्योंकि इस काल को मोक्षदायक माना गया है। 🌾 3. कृषि और सामाजिक महत्व यह पर्व नई फसल के आगमन का प्रतीक है किसान अपनी मेहनत का उत्सव मनाते हैं अन्न, तिल, गुड़ और खिचड़ी का दान समाज में समानता और सहयोग का संदेश देता है भारत में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है: तमिलनाडु – पोंगल गुजरात – उत्तरायण (पतंग उत्सव) असम – माघ बिहू उत्तर भारत – खिचड़ी पर्व 🧘 4. आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण सूर्य को ऊर्जा और जीवन का स्रोत माना गया है उत्तरायण में सूर्य की किरणें शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं तिल शरीर को गर्मी और रोग प्रतिरोधक क्षमता देता है गुड़ रक्त को शुद्ध और ऊर्जा प्रदान करता है 🍯 5. तिल-गुड़ का महत्व तिल = कठिनाइयाँ गुड़ = मिठास दोनों मिलकर संदेश देते हैं: “जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी मधुर व्यवहार रखें।” 🙏 6. दान और स्नान का महत्व गंगा या पवित्र नदी में स्नान तिल, गुड़, वस्त्र, अन्न का दान सूर्य देव को अर्घ्य 👉 माना जाता है कि इस दिन किया गया दान हजार गुना फल देता है। ✨ निष्कर्ष मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि 🌞 प्रकृति के साथ सामंजस्य, 🌾 कृषि संस्कृति का सम्मान, 🧘 आध्यात्मिक उन्नति, 🤝 सामाजिक एकता का प्रतीक है।