पंचलाइट कहानी का सारांश कक्षा 12 | Panchlight Kahani ka Saransh class 12 | Class 12 Hindi Kahani |

पंचलाइट कहानी का सारांश कक्षा 12 | Panchlight Kahani ka Saransh class 12 | Class 12 Hindi Kahani |

पंचलाइट कहानी का सारांश कक्षा 12 | class 12 hindi kahani panchlight | Hindi moral story for kids | #class12hindi #class12 #panchlight_kahani_ka_saransh फणीश्वर नाथ 'रेणु' पंचलाइट/लेखक 1)- कहानी का मूल उद्देश्य क्या है? कहानी का मुख्य उद्देश्य बोलने की आदत डालना है तथा विचारों की क्रमबद्ध शक्ति बढ़ाना है। कहानी का विषय और उसकी भाषा कक्षा के अनुसार सरल होनी चाहिए जो ज्ञान दिया जाए वह परोक्ष रूप में ही हो, क्योंकि कहानी स्वयं रोचक ढंग से स्व-कर्तव्य निवृत कर देने का प्रधान साधन है। 2)- पंचलाइट कहानी का सारांश लिखिए? रामनवमी के मेले में महतो टोली के पंचों ने एक पेट्रोमैक्स लाइट खरीदी. इस लाइट को गांव वाले पंचलाइट कहते थे. इस लाइट को जलाने के लिए लोगों में मतभेद हो गया. पंचायत ने गोधन को गांव निकालने की सज़ा सुनाई. गोधन के गांव छोड़ने के बाद, गांव वाले एक पेट्रोमैक्स लाइट लेकर आए. इस लाइट में कीर्तन का आयोजन किया गया. मुनरी, गोधन से प्रेम करती थी, इसलिए उसने अपनी सहेली कनेली को बता दिया. कनेली ने सरदार तक यह बात पहुंचा दी कि गोधन पंचलाइट जलाना जानता है. इस कहानी से जुड़ी कुछ और बातें: यह कहानी 1950 से 1960 के बीच लिखी गई थी. यह कहानी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई पाठ्यक्रमों में शामिल है. इस कहानी का मुख्य उद्देश्य ग्राम सुधार की कोशिश करना है. 3)- पंचलाइट कहानी का नायक कौन है? 'पंचलाइट' कहानी का नायक 'गोधन' है, जिसके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ उल्लेखनीय हैं। i) युवक की स्वाभाविक प्रवृत्ति गोधन युवा है:- अत: उसके व्यक्तित्व में युवा वर्ग की कुछ स्वाभाविक प्रवृत्तियाँ निहित हैं। वह मनचला एवं लापरवाह युवक है। वह फिल्मी गाने गाता है। 4)- पंचलाइट को गांव वाले क्या कहते हैं? जिसमें गांव के रहने वाले एक युवक 'गोधन' को 'मुनरी' से प्यार हो जाता है. जिसके चलते उसे गांव से बाहर निकाल दिया जाता है। एक दिन मेले से गांव वाले पेटोमैक्स खरीद कर लाते हैं, जिसे लोग पंचलाइट कहते हैं. जिसे जलाने के लिए गांव वाले गोधन की मदद लेते हैं। 5)- पंचलाइट कहानी के माध्यम से पाठक को क्या संदेश मिलता है? 'पंचलाइट' कहानी मे माध्यम से लेखक ने बिहार के एक छोटे-से गाँव के आचार-विचार, रीति-रिवाज, भाषा, जीवन शैली का परिचय दिया । लेखक के अनुसार भारतीय गाँवों में बिरादरी की इज्जत किसी एक व्यक्ति की इज्जत से उत्साह भरा रहता है। गाँव के टोलों में स्पर्धा होती है लेकिन गला काट स्पर्धा नहीं होती। उनके मन निर्मल होते हैं। 6)- गोधन ने आने से मना क्यों किया? गांव के महतो टोला से संबंध रखने वाले गोधन को गांव से बहिष्कृत कर दिया जाता है, क्योंकि वह अपनी विरासत का कोई भी हिस्सा गांव को देने से इनकार कर देता है और मुनरी की मां उस पर मुनरी के लिए अनुचित हिंदी गीत गाने का झूठा आरोप लगाती है।