🙏 NEW हनुमान चालीसा 2025 🙏 पेश है सबसे शक्तिशाली और दिव्य हनुमान चालीसा, जो आपके जीवन में नई ऊर्जा, शक्ति और सकारात्मकता लाएगी। ऐसी चालीसा आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी! 💥 हनुमान जी की महिमा: सभी बाधाओं को दूर करें। शत्रुओं का नाश करें। सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। 🌟 इस चमत्कारी हनुमान चालीसा को सुनें और अपने जीवन में नई उमंग और भक्तिभाव लाएं। अगर आपको यह वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करना न भूलें। 🔔 सुनिए और मन को शांत करें #HanumanChalisa2025 #शक्तिशालीहनुमानचालीसा #HanumanBhajan #हनुमानजीमहिमा #BhaktiSongs2025 *हनुमान चालीसा (श्री तुलसीदास जी द्वारा रचित)* *दोहा:* श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥ *चालीसा:* जय हनुमान ज्ञान गुण सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ रामदूत अतुलित बलधामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥ महाबीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥ हाथ वज्र औ ध्वजा विराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥ शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन॥ विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥ सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे। रामचन्द्र के काज सँवारे॥ लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई॥ सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥ तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा। राम मिलाय राजपद दीन्हा॥ तुम्हरो मंत्र विभीषण माना। लंकेंश्वर भए सब जग जाना॥ जुग सहस्त्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥ प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥ दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥ राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥ सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डरना॥ आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक ते कांपै॥ भूत पिशाच निकट नहिं आवै। महावीर जब नाम सुनावै॥ नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥ संकट ते हनुमान छुड़ावै। मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥ सब पर राम तपस्वी राजा। तिनके काज सकल तुम साजा॥ और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै॥ चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥ साधु संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥ अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥ राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥ तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै॥ अन्तकाल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई॥ और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥ संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥ जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरु देव की नाईं॥ जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई॥ जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥ *दोहा:* पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥ #HanumanChalisa #हनुमानचालीसा #PowerfulHanumanChalisa #HanumanBhajan #HanumanJayanti2025 #BhaktiSong2025 #हनुमानभक्ति #HanumanMantra #DevotionalSong #SpiritualVibes Festival-Specific Hashtags #HanumanChalisa2025 #Navratri2025 #RamNavami2025 #MangalwarSpecial Engagement-Oriented Hashtags #PeaceAndStrength #BhajanKirtan #DevotionalVibes #BhaktiSangeet #DailyChalisa