श्लोक का अर्थ - यह श्लोक भगवान कृष्ण के अपने भक्तों के प्रति प्रेम को दर्शाता है। गोविंद अपने भक्तों के कष्ट, क्लेश और कष्टों का नाश करते हैं और अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। भगवान श्री कृष्ण के इस रूप की बार-बार पूजा की जाती रही है। महाभारत के महान युद्ध में सारथी बनकर उनकी सहायता की और गीता का अमूल्य ज्ञान दिया, इससे पता चलता है कि श्री कृष्ण अपने सभी भक्तों के कष्टों को नष्ट कर देते हैं। श्रीगोविन्द को मेरा नमस्कार है।🙏 #love #song #motivation #premanandjimaharaj #premanandjipravachan #devotionalsong #bhaktisong #bhajn #bhakti