हिन्दू धर्म में विश्वास रखने वाले अधिकतर लोग हर दिन की विशेष पूजाएं करते हैं. कई लोग रविवार को छुट्टी का दिन मानते हैं लेकिन इस दिन कई लोग पूजा अर्चना और व्रत रख अपना दिन काटते हैं. ऐसे ही लोगों को हम इस वीडियो के माध्यम से रविवार का दिन किस भगवन के लिए विशेष माना जाता है यह बताना चाहते है !! कृपया यह वीडियो देखे तथा हमारे चैनल को Subscribe अवश्य करे !! रविवार व्रत विधि-विधान | रविवार के व्रत को करने वाले व्यक्ति को प्रात: काल में उठकर नित्यकर्म क्रियाओं से निवृ्त होने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. घर में किसी एकान्त स्थान में ईशान कोण में भगवान सूर्य देव की स्वर्ण निर्मित मूर्ति या चित्र स्थापित करना चाहिए. इसके बाद गंध, पुष्प, धूप, दीप आदि से भगवान सूर्य देव का पूजन करना चाहिए. पूजन से पहले व्रत का संकल्प लिया जाता है. दोपहर के समय फिर से भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर पूजा करे, और कथा करें. और व्रत के दिन केवल गेहूं कि रोटी अथवा गुड से बना दलिया, घी, शक्कर के साथ भोजन करें. भगवान सूर्य को लाल फूल बेहद प्रिय है. इसलिये इस दिन भगवान सूर्य की पूजा काल रंग के फूलों से करना और भी शुभ होता है. रविवार व्रत कथा, Ravivar Vrat Katha, सूर्य भगवन की कहानी , Surya Bhagwan Ki Kahani रविवार व्रत कथा, sunday fast story, ravivar vrat vidhi, ravivar vrat katha, Surya Dev vrat Katha, सूर्य देव व्रत कथा, व्रत कथा, surya dev vrat katha, Katha Kahnai, surya dev ke bhakt ki kahani, Sunday Vrat Ki Kahani, fast stories, surya dev ki kahani, Ravivar Vrat Ki Katha in Hindi, Story of the Ravivar Vrat, सूर्य देव की कहानी, Ravivar vrat and Surya puja, @VratParvaTyohar @ambeyBhakti @BhaktiBhajanKirtan @VedicManthan @bhaktistories101k2