श्री राम और लक्ष्मण जब ऋषि वसिष्ठ के साथ वन में उनकी राक्षसों से रक्षा करते हुए आगे बढ़ते हैं तो वो राजा जनक की नगरी में आ जाते हैं वहाँ राजा जनक की पुत्री सीता का स्वयंवर था जिसे देखने के लिए श्री राम और लक्ष्मण को ऋषि वसिष्ठ अपने साथ ले जाते हैं। प्रातः श्री राम पुष्पवाटिका में पूजा के लिए पुष्प लेने के लिए जाते हैं तो वहाँ सीता अपनी बहनों और सहेलियों के साथ वहाँ आती है। श्री राम और सीता पहली बार एक दूसरे को देखते हैं और एक दूसरे में खो जाते हैं। माता सीता श्री राम को अपने पति के रूप में स्वीकार कर लेती हैं और माँ गौरी के मंदिर में जाकर उनसे श्री राम को अपने पति के रूप में माँगती हैं। रात्रि में श्री राम और सीता एक दूसरे के बारे में सोचते हैं। भारत की अमर कहानियाँ में आपको मिलती हैं ऐसी कथाएँ जो न केवल अनोखी हैं, बल्कि हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर भी हैं। ये कहानियाँ शाश्वत हैं क्योंकि ये हमारे मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं। #ramayan #ramayanstories #ramayankatha