Pitru Paksha 2025 Special । Srimad Bhagavad Geeta Chapter -7। गीता का सातवां अध्याय एवं माहात्म्य

Pitru Paksha 2025 Special । Srimad Bhagavad Geeta Chapter -7। गीता का सातवां अध्याय एवं माहात्म्य

Pitru Paksha 2025 Special । Srimad Bhagavad Geeta Chapter -7। गीता का सातवां अध्याय एवं माहात्म्यPitru Paksha 2025 Special । Srimad Bhagavad Geeta Chapter -7। गीता का सातवां अध्याय एवं माहात्म्य Pitru Paksha 2025 Special | Shrimad Bhagvad Gita Chapter -7 | गीता का सातवां अध्याय एवं माहात्म्य Pitru Paksha 2025 Special | Shrimad Bhagvad Gita Chapter -7 | भगवद गीता का सातवां अध्याय एवं माहात्म्य #shrimadbhagwatkatha #श्राद्ध2025 #पितृपक्ष2025 #BhagwatGeetaAdhyay7 #BhagavadGitaAdhyaay7 #भगवद_गीता_सातवां_अध्याय #भागवत_गीता_अध्याय_7 #श्राद्ध_पक्ष_मे_भगवत_गीता #पितृ_पक्ष_मे_गीता_का_अध्याय आज हम सुनेंगे भगवद गीता का सातवां अध्याय। मित्रों, श्राद्ध के समय भगवद गीता का पठन और श्रवण हमारे पित्रों को तृप्ति और शांति प्रदान करता है। श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से पितृदोष से मुक्ति पाई जा सकती है। गीता का वह ज्ञान, जो भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को हजारों वर्षों पूर्व कुरुक्षेत्र के मैदान में दिया था, अनादि काल से मानवता के लिए मार्गदर्शक बना हुआ है। इस गीता का सातवा अध्याय पितृमुक्ति और मोक्ष से जुड़ा है। पितृपक्ष का समय चल रहा है, और इस पितृपक्ष में भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पठन, अथवा श्रवण अत्यंत फलदायी माना गया है। वैसे तो श्राद्ध पक्ष में संपूर्ण भगवद गीता का पाठ करना जीव के लिए कल्याणकारी होता है, किंतु यदि इतना संभव न हो तो पितरों की शांति, उनका आशीर्वाद प्राप्त करने और उन्हें मुक्ति का मार्ग दिखाने के लिए, पितृपक्ष में प्रतिदिन गीता के सातवें अध्याय का पठन या श्रवण अवश्य करना चाहिए।