श्लोक का अर्थ – यह श्लोक भगवान श्री कृष्ण के अपने भक्तों के प्रति असीम प्रेम को दर्शाता है। गोविंद अपने भक्तों के कष्ट, क्लेश और दुखों का नाश करते हैं तथा अपनी कृपा दृष्टि सदैव अपने भक्तों पर बनाए रखते हैं। भगवान श्री कृष्ण के इस स्वरूप की बार-बार पूजा और स्मरण करने से मन को शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। महाभारत के महान युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने सारथी बनकर अर्जुन की सहायता की और श्रीमद्भगवद गीता का अमूल्य ज्ञान दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि भगवान श्री कृष्ण अपने सभी भक्तों के जीवन से दुखों को दूर करते हैं और सही मार्ग दिखाते हैं। यह भक्ति मंत्र प्रेमानंद जी महाराज के श्रीकृष्ण भक्ति मार्ग से प्रेरित है, जो नाम जप, भक्ति और आत्मिक शांति का संदेश देता है। इस मंत्र का श्रद्धा और विश्वास के साथ नियमित जाप करने से मन, शरीर और आत्मा को शांति मिलती है। 🙏 श्री गोविंदाय नमो नमः 🙏 🔔 सभी भक्तों से विनम्र अनुरोध है कि चैनल को Subscribe करें, भजन का आनंद लें, Like करें और अन्य भक्तों के साथ Share करें। #KrishnaMantra #OmKrishnayaVasudevaya #KrishnaBhajan #BhaktiSong #PremanandJiMaharaj #PremanandMaharaj #GovindayNamoNamaha #HareKrishna #SpiritualIndia #NaamJap #krishnadevotionalsong #Bhajan #SanatanDharma #bankebihariji #radheradhe