माता कात्यायनी की कथा ।नवरात्रि का छठा दिन । Katyayani Mata Katha।Navratri 6th Day Katha#navratri @PuMoralStory880 #maa_katyayani_Gatha#कात्यायनी_माता_की_कथा #katyayanimatakatha #navratri YOUR QUERIES Navratri Katha Day 6 | Maa Katyayani Ki Katha | छ्ठे नवरात्रि माँ कात्यायनी की कथा सुनने मात्र से मिलेगा 1000 अश्वमेघ यज्ञों का फल अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होगी नवरात्रि के छठे दिन कात्यायनी माता की कथा | Navratri Day 6 - Maa Katyayani ki katha नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के #कात्यायनी रूप की पूजा की जाती है। दुर्गा मां का कात्यायनी रुप सबसे अधिक पूजे जाने वाले रूपों में से एक हैं । कात्यायनी माता को बुराई का नाश करने वाली देवी माना जाता है। उसके चार हाथ हैं । उनका एक हाथ वर मुद्रा में है जिससे वह भक्तों को आशीर्वाद देती हैं, दूसरा हाथ अभय मुद्रा में है, जिससे वह सब की रक्षा करती हैं, तीसरे हाथ में उन्होंने तलवार धारण की हुई है, चौथे हाथ में कमल पुष्प ले रखा है। कात्यायनी माता की पूजा करने वाले भक्त अपने मन को आज्ञा चक्र में समाहित करते हैं।आज्ञाचक्र भौंहों के बीच माथे के केंद्र में स्थित होता है। यानी माता की पूजा करने से आज्ञा चक्र जागृत होता है। जिसके प्रभाव से मनुष्य सर्वोच्च चेतना को प्राप्त करता है। वह बौद्धिक रूप से संपन्न, संवेदनशील और तेज दिमाग का बन जाता है आइए अब सुनते हैं मां कात्यायनी माता की कथा और जानते हैं की मां कात्यायनी माता की पूजा विधि | कात्यायनी माता की कथा से पता चलता है कि देवी कात्यायनी माता कौन है। देवी को कात्यायनी माता का यह नाम कैसे मिला? इस वीडियो में कात्यायनी माता आरती, कात्यायनी माता मंत्र, कात्यायनी माता कवच और कात्यायनी माता स्तोत्रम भी दिखाया गया है।