जिरेनियम एक महत्वपूर्ण सगंधीय पौधा है इसके पौधे से महत्वपूर्ण तेल प्राप्त होता है जो गुलाब जैसी अपनी सुगंध के कारण अधिक मूल्यवान होता है | जिरेनियम के तेल का उपयोग इत्र और अधिक गुणवत्ता युक्त परफ्यूम बनाने में किया जाता है | भारतीय परफ्यूम उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए भारत द्वारा अन्य देशो से इस तेल का 80% से ज्यादा का आयात किया जाता है जबकि लगभग 10% का उत्पादन भारत में होता है | इसकी पत्ती से तेल आसवन करके निकाला जाता है | लगभग 4 से 5 महीने में ढाई लाख से ऊपर की आमदनी प्रति हेक्टेयर करते है | जिरेनियम एक ऐसा पौधा है जिसकी पत्तियों और तनो से बेहद खुशबूदार तेल निकलता है , इसका तेल गुलाब के तेल का सब्सीच्युट है | कम पानी और जंगली जानवरों से परेशान परंपरागत खेती करने वाले किसानों के लिए जिरेनियम की खेती राहत देने वाली साबित हो सकती है । जिरेनियम कम पानी में आसानी से हो जाता है और इसे जंगली जानवरों से भी कोई नुकसान नहीं है , लेकिनं इसका पौधा बरसात के दिनों में पूरी तरह नष्ट हो जाता है | जिरेनियम सुहाने मौसम और कम नमी वाले , गर्म सर्द और हलके गर्म मौसम में बढता है जिसमे वार्षिक वर्षा 100 से 150 सेमी के बीच होती है | जिरेनियम सुव्यवस्थित जलनिकासी वाली मिट्टी में होता है |