काशी में गंगा नदी के किनारे कुल 84 घाट हैं, जो विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र हैं. इनमें अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट प्रमुख हैं. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट दाह संस्कार के लिए विशेष रूप से उपयोग होते हैं, जबकि अन्य घाट स्नान, पूजा और अनुष्ठानों के लिए हैं. कुछ प्रमुख घाटों के नाम: अस्सी घाट: यह काशी के दक्षिणी छोर पर स्थित है और काशी के सभी 84 घाटों में सबसे अधिक प्रसिद्ध है. दशाश्वमेध घाट: यह गंगा आरती के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है. मणिकर्णिका घाट: यह शवों के अंतिम संस्कार के लिए सबसे पवित्र घाटों में से एक माना जाता है, जहाँ शवदाह करने से व्यक्ति को मोक्ष मिलता है. हरिश्चंद्र घाट: यह भी एक प्रमुख दाह संस्कार घाट है. केदार घाट: यह भी एक प्रसिद्ध घाट है जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण है. तुलसी घाट: यह घाट संत तुलसीदास से जुड़ा हुआ है और उनकी आश्रय स्थली रही है. गंगा महल घाट: यह प्रथम घाट है और गंगा नदी में स्नान करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है. अन्य घाट: रीवा घाट, भदैनी घाट, जानकी घाट, माता आनंदमयी घाट, वच्छराज घाट, चौशट्टी घाट, सरस्वती घाट, ललिता घाट, मानसरोवर घाट, हरिद्वार घाट. इन घाटों का अपना एक अलग महत्व और इतिहास है, और ये काशी की पहचान और आध्यात्मिकता का अभिन्न अंग हैं. एआई से मिले जवाबों में गलतियां हो सकती हैं. ज़्यादा जानें वाराणसी के सभी घाट: इतिहास और महत्व - Aadi Kashi - आदि काशी 10 Dec 2024 — वाराणसी के 84 घाट * अस्सी घाट (असि घाट) * गंगा महल घाट (प्रथम) * रीवा घाट * तुलसी घाट * भदैनी घाट * जानकी घाट * माता आनंदमयी घाट * 84 घाट काशी नगरी के सभी घाटों के पैदल दर्शन 25 Nov 2022 — महादेव की नगरी काशी बनारस के बारे में तो सभी जानते हैं यह दुनिया का सबसे प्राचीन शहरों में से एक है यहां के घाट गंगा आरती देखने के लिए हर किसी का सपना होता है वाराणसी में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा. विश्वनाथ हैं वाराणसी में आ... काशी के 84 घाट | Boat Ride in Banaras from Ganga Dwar to Assi ... 3 Aug 2024 — आप देख रहे हैं बनारस ट्रैवल सीरीज का चौथा एपिसोड जिसमें आज हम बनारस के सभी 84 घाटों के बारे में जानेंगे वह भी बोट राइड करते हुए और हम सभी. बढ़ेंगे गंगाद्वार से 80 घाट की तरफ. दोस्तों वीडियो की शुरुआत होने से पहले प्रेम Translated — वाराणसी में घाट नदी के किनारे की सीढ़ियाँ हैं जो गंगा नदी के तट तक जाती हैं। शहर में 84 घाट हैं। अधिकांश घाट स्नान और पूजा अनुष्ठान घाट हैं, जबकि दो घाट, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र, विशेष रूप से दाह संस्कार स्थलों के रूप में उपयोग किए. Translated — वाराणसी के 84 घाट · अस्सी घाट · दशाश्वमेध घाट · मणिकर्णिका घाट · हरिश्चंद्र घाट · केदार घाट · तुलसी घाट · भीमचंडी घाट · चौशट्टी घाट; सरस्वती घाट; भदैनी घाट; ललिता घाट; मानसरोवर घाट; हरिद्वार आज पहली बार जीवन में मैं खुद एक बोट में बैठा हूं और यहां पर काशी के घाटों का जो नजारा है वो इस बोट के माध्यम से आपको घुमा रहे हैं पीछे की तरफ आप देख लीजिए मां गंगा की तरफ बने हुए काशी. के... वाराणसी घूमने के 10 प्रमुख स्थल: काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, सारनाथ, रामनगर किला और अधिक दशाश्वमेध घाट पर आने वाले भक्तों को गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि गंगा ( गंगा नदी ) में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा को शांति मिलती है। यह घाट शहर के मुख्य धार्मिक केंद्रों में से एक है और यहाँ से गंगा ( Manikarnika Ghat:काशी के मणिकर्णिका घाट पर इन लोगों का नहीं जलता शव, बेहद ... 18 Apr 2025 — बता दें, काशी के मणिकर्णिका घाट को मोक्षदायिनी घाट कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर शव का अंतिम संस्कार करने से उस व्यक्ति को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती हैं। Famous Ghats of Varanasi: बेहद प्रसिद्ध व पवित्र हैं बनारस के ये घाट, दर्शन मात्र से मिट जाते हैं सभी पाप - 4 Famous Ghats of Varanasi Must visit these divine ghats of Kashi city 29 Apr 2024 — दशाश्वमेध घाट दशाश्वमेध घाट वाराणसी का प्रमुख घाट है। यह विश्वनाथ मंदिर के नजदीक स्थित है और सबसे अद्भुत घाट माना जाता है। यहां की जाने वाली गंगा आरती कुछ ऐसी है, जिसे आपको अवश्य देखना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इस घाट प... प्राचीन सप्तपुरियों में से एक है वाराणसी, यहां विश्वनाथ के दर्शन करने और गंगा स्नान से मिलता है अक्षय पुण्य काशी के कई घाट बहुत प्रसिद्ध हैं। इनमें दशाश्वमेध घाट, मणिकार्णिका घाट, हरिश्चंद्र घाट और तुलसी घाट आदि शामिल हैं। इन घाटों का विशेष महत्व है। संसार के सबसे प्रसिद्ध घाट, जौनपुर के निकट! 30 Mar 2024 — पवित्र नदियों के किनारों पर स्थित घाट, धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में कार्य करते हैं। यहां पर, पूजा, पिंड दान और आरती इत्यादि धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त तीर्थयात्री घाटों में ही पवित्र नदियों ...